home page

हिसार : गबन केसों में फंसे रोडवेज कर्मचारियों को मूल डिपो भेजने के आदेश

 | 
हिसार : गबन केसों में फंसे रोडवेज कर्मचारियों को मूल डिपो भेजने के आदेश


परिवहन निदेशालय ने सभी महाप्रबंधकों को जारी किए निर्देश

हिसार, 12 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा रोडवेज में गबन के मामलों में संलिप्त कर्मचारियों

को लेकर परिवहन निदेशालय ने सख्त रुख अपनाया है। गबन के मामलों में शामिल ऐसे चालक-परिचालक,

जिन्हें फिलहाल उनके मूल आगार से हटाकर दूसरे आगारों में समायोजित किया गया है, उन्हें

अब वापस उनके मूल आगार में भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही लंबे समय से लंबित

गबन मामलों का जल्द से जल्द निर्णय करने को कहा गया है।

राज्य परिवहन निदेशालय, हरियाणा की ओर से सभी महाप्रबंधकों, हरियाणा राज्य

परिवहन तथा उड़नदस्ता अधिकारी, आईएसबीटी दिल्ली को इस संबंध में पत्र जारी किया गया

है। पत्र में परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्यालय के इस वर्ष 25 मई के आदेश

का हवाला देते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि मुख्यालय द्वारा गबन मामलों में संलिप्त चालक

एवं परिचालकों को उनके मूल आगार से हटाकर अन्य आगारों में समायोजित किया गया है। ऐसे

कर्मचारियों को उनके मूल आगार में वापस भेजने तथा उनके खिलाफ लंबित गबन मामलों में

शीघ्र निर्णय लेने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

लंबे समय से लंबित मामलों पर भी सख्ती

परिवहन निदेशालय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गबन से संबंधित जो मामले

लंबे समय से लंबित हैं, उनका जल्द से जल्द निपटारा किया जाए। माना जा रहा है कि इस

कदम से रोडवेज में गबन से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और संबंधित कर्मचारियों

की जिम्मेदारी भी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पत्र की एक प्रति हरियाणा राज्य

परिवहन, दिल्ली के महाप्रबंधक को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। इसके अलावा

कुरुक्षेत्र के महाप्रबंधक के माध्यम से संबंधित अधिकारी को भी पत्र भेजकर आगामी कार्रवाई

सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निदेशालय के इस आदेश के बाद अब सभी संबंधित आगारों के महाप्रबंधकों को गबन

मामलों में संलिप्त कर्मचारियों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।

दूसरे आगारों में समायोजित कर्मचारियों को उनके मूल आगार में वापस भेजने के साथ-साथ

लंबित मामलों का रिकॉर्ड तैयार कर उनके शीघ्र निर्णय की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन निदेशालय के इस कदम को हरियाणा रोडवेज में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों

के प्रति सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर