बिजली विभाग में 25,543 पद खाली, 84.2 प्रतिशत गांवों में 24 घंटे बिजली
चंडीगढ़, 31 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने सोमवार को विधानसभा में बिजली व्यवस्था से जुड़े आंकड़े रखते हुए बताया कि प्रदेश के 7250 गांवों में से 6105 यानी 84.2 प्रतिशत गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। 1145 गांवों में फिलहाल 16 घंटे बिजली दी जा रही है। सरकार का कहना है कि इन गांवों को भी चरणबद्ध तरीके से 24 घंटे बिजली आपूर्ति से जोड़ा जाएगा।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 55 शहरी क्षेत्रों और 2686 गांवों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है, जबकि 980 गांवों में 16 घंटे आपूर्ति है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 40 शहरी क्षेत्रों और 3419 गांवों में 24 घंटे बिजली मिल रही है तथा 165 गांवों में 16 घंटे आपूर्ति हो रही है। प्रदेश के सभी 95 शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया गया है।
बिजली व्यवस्था के साथ विभाग में मानव संसाधन की स्थिति भी सदन में सामने आई। ऊर्जा विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 53,289 नियमित पद स्वीकृत हैं, लेकिन 27,746 पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं। यानी 25,543 पद खाली हैं। इसके अलावा 15,362 कर्मचारी एचकेआरएनएल, हारट्रॉन, ठेकेदार, पार्ट-टाइम और सीधे आउटसोर्सिंग के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं। सबसे ज्यादा कमी श्रेणी-सी में है। इसके 47,717 स्वीकृत पदों में से 24,654 भरे हुए हैं और 23,036 खाली हैं। श्रेणी-डी के 2927 पदों में 941 कर्मचारी कार्यरत हैं और 1986 पद रिक्त हैं।
पिहोवा विधायक मनदीप सिंह चट्ठा ने बारिश के दौरान बिजली के खंभों में करंट उतरने से हादसों का मुद्दा उठाया। विज ने बताया कि गुलदेहरा और ठसका मीरांजी गांवों के बाहरी क्षेत्र में 11 केवी कृषि फीडरों पर 107 लोहे के पोल चिन्हित किए गए हैं। इनमें 16 रेल पोल हैं। शेष 91 लोहे के पोल जनवरी 2027 तक पीसीसी पोल से बदले जाएंगे। उनके अनुसार 2014 से इन गांवों में लोहे के पोल से करंट लगने के कारण जनहानि की कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

