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हिसार : पाखंड के खिलाफ आर्य समाज ने बनाई 51 सदस्यीय संघर्ष समिति, सुबेसिंह को अध्यक्ष बनाया

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हिसार : पाखंड के खिलाफ आर्य समाज ने बनाई 51 सदस्यीय संघर्ष समिति, सुबेसिंह को अध्यक्ष बनाया


रामपाल दास की गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग

हिसार, 20 सितंबर (हि.स.)। आर्य समाज हरियाणा के आह्वान पर आर्य समाज नागोरी

गेट में जिले के सक्रिय कार्यकर्ताओं की चिंतन बैठक एवं पाखंड खंडन संगोष्ठी आयोजित

की गई। बैठक की अध्यक्षता आर्य समाज के राष्ट्रीय महासचिव युवा संन्यासी स्वामी आदित्यवेश

ने की, जबकि मंच संचालन आर्य समाज नागोरी गेट के उपप्रधान दलबीर आर्य ने किया। रविवार काे हुई बैठक

में आर्य समाज के संन्यासियों, विद्वानों, खाप प्रतिनिधियों तथा विभिन्न आर्य समाजों

के पदाधिकारियों ने भाग लिया। आगामी रणनीति के लिए 51 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन

किया गया, जिसका अध्यक्ष सुबेसिंह आर्य मुकलान को बनाया गया।

स्वामी आदित्यवेश ने रामपाल दास की गतिविधियों का उल्लेख करते हुए सरकार से

मामले में संज्ञान लेने और सक्षम न्यायालय के माध्यम से जमानत निरस्त कराने की मांग

की। उन्होंने कहा कि जब तक देश में पाखंड रहेगा, आर्य समाज का संघर्ष जारी रहेगा। गुरुकुल

धीरणवास के कार्यकारी प्रधान सुबेसिंह आर्य ने कहा कि आर्य समाज पाखंड के खिलाफ मजबूती

से लड़ रहा है और यह संघर्ष लंबा चल सकता है। दलबीर आर्य ने ऋषि दयानंद के विचारों

और स्वतंत्रता आंदोलन में आर्य समाज के योगदान का उल्लेख किया।

यतीन्द्र आर्य ने कहा कि संत के नाम पर भ्रम फैलाने वालों को बेनकाब करना प्राथमिकता

होनी चाहिए। सिम्मी काठपाल ने महिलाओं की शिक्षा के लिए ऋषि दयानंद के योगदान को रेखांकित

किया। पुनिया खाप के प्रधान शमसेर पुनिया नंबरदार ने आंदोलन में आर्य समाज का साथ देने

की बात कही। सुभाष फौजी ने कहा कि वर्तमान लड़ाई तलवार की नहीं, बल्कि विचारों की है।

बैठक में आठ प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें रामपाल दास से जुड़ी कथित आपत्तिजनक

टिप्पणियों की निंदा, उसकी जमानत निरस्त कराने की मांग, धनाना धाम से जुड़ी कथित हथियार

लहराने और धमकी की घटना में कार्रवाई, एआई व सोशल मीडिया के कथित दुरुपयोग की साइबर

जांच, वैदिक एवं वैज्ञानिक विचारों के प्रचार तथा पाखंड और नशे के खिलाफ जनजागरण अभियान

चलाने के प्रस्ताव शामिल रहे। इसके अलावा सर्वखाप और ग्राम पंचायतों से गंभीर आपराधिक

मामलों के आरोपियों का महिमामंडन नहीं करने की अपील की गई।

आठवें प्रस्ताव में ऐसे जनप्रतिनिधियों और राजनेताओं की वीडियो के स्क्रीनशॉट

सुरक्षित रखने का निर्णय लिया गया, जो संगठन के अनुसार हत्या और देशद्रोह के आरोपी

रामपाल के डेरे में जाते हैं। बैठक में कहा गया कि समय आने पर आर्य समाज इस संबंध में

जवाब लेगा।

इस अवसर पर पाखंड के खिलाफ गुरुडम नाम से नया गीत भी जारी किया गया। गीत आर्य

समाज के भजनोपदेशक रामनिवास ने गाया है और इसे रामराख आर्य ने लिखा है। बैठक में शमसेर

आर्य, जगतपाल शास्त्री, इंद्रपाल, बलबीर देशवाल, देवेंद्र सैनी, डॉ. विवेकानंद, देवेंद्र

उप्पल, इंद्रजीत शास्त्री, वेद प्रकाश, देवदत्त आर्य, आचार्य कर्मबीर, सूर्यदेव वेदांशु,

एडवोकेट हिमांशु खोवाल, सतप्रकाश, जयवीर सोनी, बलवंत आर्य, सत्यवान आर्य, सेठ मांगेराम,

मनोज आर्य सहित विभिन्न स्थानीय एवं ग्रामीण आर्य समाजों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर