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कैथल: मुठभेड़ में पकड़े गए तस्करों के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मामले

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कैथल: मुठभेड़ में पकड़े गए तस्करों के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मामले


कैथल, 31 जुलाई (हि.स.)। एंटी नारकोटिक सेल की कार्रवाई में हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों की जांच में उनका आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य आरोपी संदीप पहले से कई गंभीर मामलों में नामजद है, जबकि उसके अन्य साथी भी अलग-अलग आपराधिक मामलों में पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इससे साफ है कि हेरोइन तस्करी में पकड़ा गया यह गिरोह पहले भी आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है।पुलिस जांच के अनुसार, गांव मटौर निवासी संदीप सबसे ज्यादा आपराधिक मामलों वाला आरोपी है। उसके खिलाफ पहले से दुष्कर्म, चोरी समेत कुल पांच मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि फरल के पास पुलिस नाके से फरार होने के बाद भी संदीप ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार आरोपियों में शामिल गुरदीप का भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और मारपीट के तीन मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ था।वहीं, अमित कुमार के खिलाफ भी दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि पुलिस ने इन मामलों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन रिकॉर्ड के आधार पर उसे भी आदतन अपराधी माना जा रहा है। विशाल के खिलाफ भी पहले से मारपीट का एक मामला दर्ज है। जबकि इस मामले में गिरफ्तार दीपक के खिलाफ फिलहाल कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। पुलिस उसके बारे में भी अन्य जिलों से जानकारी जुटा रही है।डीएसपी रमेश चंद्र ने शुक्रवार को प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि एंटी नारकोटिक सेल प्रभारी एसआई प्रदीप कुमार और एसआई जयभगवान की टीम अपराध नियंत्रण के लिए गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि काले रंग की महिंद्रा टीयूवी-300 में सवार कुछ युवक गांव फरल क्षेत्र में हेरोइन बेचने आए हैं और घोड़ा पुली चौक से होकर मटरवा खेड़ी की तरफ जाएंगे। सूचना के आधार पर पुलिस ने घोड़ा पुली चौक के पास नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध वाहन वहां पहुंचा। पुलिस ने चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने गाड़ी रोकने के बजाय सीधे पुलिस के सरकारी वाहन में टक्कर मार दी। अचानक हुए इस हमले में पुलिसकर्मी सतर्कता के चलते बाल-बाल बच गए। टक्कर मारने के बाद चालक ने वाहन को पीछे मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी सड़क किनारे खेत में उतरकर बंद हो गई। इसके बाद उसमें सवार सभी युवक अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर मौके पर अमित कुमार निवासी बढ़सीकरी कला, दीपक निवासी खेड़ी मसानियां और विशाल निवासी मटौर को पकड़ लिया। करीब 15-20 मिनट बाद गुरदीप निवासी मटौर को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि वाहन चालक संदीप निवासी मटौर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था। उसे रात मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे