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हिसार : ई-चालान को नजरअंदाज न करें, समय पर भुगतान या आपत्ति दर्ज करें : सिद्धांत जैन

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हिसार : ई-चालान को नजरअंदाज न करें, समय पर भुगतान या आपत्ति दर्ज करें : सिद्धांत जैन


45 दिन तक कोई कार्रवाई नहीं करने पर चालान स्वीकार माना जा सकता है

बकाया रहने पर वाहन संबंधी सेवाओं पर लग सकती है रोक

हिसार, 07 अक्टूबर (हि.स.)। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने वाहन चालकों एवं

वाहन मालिकों के लिए बुधवार काे यातायात चालान बारे आवश्यक एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा

कि चालान प्राप्त होने के बाद निर्धारित समय-सीमा में उसकी राशि जमा करें। यदि चालान

गलत है तो निर्धारित अवधि में पोर्टल पर साक्ष्य सहित आपत्ति दर्ज करें। चालान को नजरअंदाज

करना वाहन मालिक के लिए आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकता है।

पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैनने बुधवार काे बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस अधिकारी द्वारा मौके

पर अथवा इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से चालान जारी किया जा सकता है। चालान

की सूचना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वाहन मालिक तक पहुंचाई जाती है। चालान प्राप्त

होने के बाद उसकी राशि समय पर जमा करना जरूरी है। यदि चालान गलत है तो निर्धारित अवधि

में पोर्टल पर साक्ष्य सहित आपत्ति दर्ज की जा सकती है। उन्होंने बताया कि चालान प्राप्त

होने के बाद 45 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं करने पर उसे स्वीकार किया हुआ माना जा सकता

है। ऐसी स्थिति में निर्धारित अगली अवधि में चालान की राशि जमा करना आवश्यक होगा। यदि

आपत्ति दर्ज की गई है तो संबंधित प्राधिकारी के निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई करनी

होगी। चालान निरस्त होने पर आदेश पोर्टल पर अपलोड कर प्रकरण बंद किया जाएगा, जबकि चालान

कायम रहने पर निर्धारित समय में राशि जमा करनी होगी या अदालत में अपील की प्रक्रिया

अपनानी होगी।

बकाया चालान पर वाहन संबंधी सेवाओं पर लग सकती है रोक

एसपी सिद्धांत जैन ने बताया कि बकाया चालान को लगातार नजरअंदाज करने पर इलेक्ट्रॉनिक

नोटिस भेजे जा सकते हैं। इसके अलावा वाहन के ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र

से संबंधित लेन-देन, नवीनीकरण एवं पंजीकरण जैसी सेवाओं पर रोक लग सकती है। इसके बाद

पुलिस द्वारा वाहन को डिटेन भी किया जा सकता है। एसपी ने वाहन चालकों से अपील की कि

यातायात नियमों का पालन करें और चालान होने की स्थिति में उसे लंबित न रखें। निर्धारित

समय-सीमा के भीतर चालान का भुगतान करें अथवा आपत्ति की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि अनावश्यक

कानूनी एवं प्रशासनिक परेशानी से बचा जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर