हिसार : कब्जे हटाने के नाम पर ग्रामीणों क्षेत्रों में वर्षों पुराने आशियाने तोड़ना निंदनीय : दलबीर किरमारा
शहरी क्षेत्रों में ग्रीन बेल्टों से बढ़ी सेक्टरों
की सुंदरता, तोड़ने के आदेश वापिस ले सरकार
हिसार, 29 अप्रैल (हि.स.)। इनेलो के प्रदेश सचिव
दलबीर किरमारा ने ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से आशियाना बनाकर रह रहे लोगों के आशियाना
तोड़े जाने की कार्रवाई को जनविरोधी व मानवता के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार
का यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस दावे के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें
उन्होंने कहा था कि वर्ष 2026 तक सबके सिर पर छत होगी।
दलबीर किरमारा ने बुधवार काे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र
मोदी ने दावा किया था कि वर्ष 2026 तक हर जरूरतमंद को छत मुहैया करवा दी जाएगी। जरूरतमंदों
को सरकार की ओर से तो छत मुहैया नहीं करवाई गई लेकिन उनकी खुद की बनाई गई छतों को तोड़ना
और शुरू कर दिया गया। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री के दावे के बिल्कुल विपरीत है और सरकार
को अपने इस निर्णय पर फिर से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्माणों को अवैध
कब्जे बताकर तोड़ने के आदेश दिए जा रहे हैं लेकिन सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए
कि अवैध कब्जे पनपे ही ना। चाहे शहर हो या गांव, जब अवैध कब्जे होते हैं तो संबंधित
अधिकारी व पंचायतें चुप्पी साधे रखते हैं और जब किसी की छत बन जाती है तो उसे बेरहमी
से तोड़ दिया जाता है। सरकार व संबंधित विभागों ने ऐसे मकान तो बहुत तोड़े हैं लेकिन
आज तक ऐसे एक भी अधिकारी या पंचायत के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, जिनके समय में ये अवैध
कब्जे पनपे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

