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जींद : रंग फैक्टरी में लगी आग से मृत महिलाओं के परिवारों ने किया प्रदर्शन

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जींद : रंग फैक्टरी में लगी आग से मृत महिलाओं के परिवारों ने किया प्रदर्शन


जींद, 02 अप्रैल (हि.स.)। सफीदों में होली का रंग व गुलाल बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड में मारी गई महिलाओं के परिवार को न्याय दिलवाने के लिए गुरूवार को सफीदों की पुरानी अनाज मंडी में प्रदर्शन किय गया। प्रदर्शकारी लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर इस अग्निकांड में मारी गई 12 महिलाओं के परिवारों को न्याय दिलवाने, न्याय के लिए आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के खिलाफ मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।

प्रदर्शन का नेतृत्व सीपीआईएम जिला सचिव कपूर सिंह, सीटू नेता राधेश्याम हाट, पवन कुमार, कपूर सिंह, कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष रिषिपाल हैबतपुर, पीडि़त परिवारों में शामिल श्रवण मुआना, जगदीश व अनिल ने किया। उन्हेांने काह कि इस घटना को हादसा न मान कर प्रशासन और फैक्टरी मालिक की मिलीभगत से हुआ महिलाओं की मौत को संस्थागत हत्याकांड करार दिया जाए। फैक्टरी में श्रम कानूनों और सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थी। आपात स्थिति से निपटने के लिए न तो वहां अग्निशमन उपकरण थे और न ही सुरक्षा किट। यह हृदयविदारक स्थिति गेट पर बाहर से ताला लगा होने के कारण मजदूर अंदर ही फंस गए और उन्हें मौत के मुंह में धकेल दिया गया। फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां एक घंटे देरी से पहुंचीं। जो विभाग में संसाधनों की कमी को दर्शाता है। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने मांग की कि प्रत्येक मृतक के परिजन को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी दी जाए। घायल मजदूरों को 10 लाख रुपये का मुआवजा और मुफ्त इलाज की सुविधा मिले।

फैक्टरी मालिक व लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ हत्या का आपराधिक मुकद्मा दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी हो। प्रदेश भर में चल रही अवैध और असुरक्षित फैक्ट्रियों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। मजदूर विरोधी चारों श्रम संहिताओं को तुरंत रद्द किया जाए। संघर्ष समिति ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने इन मांगों पर जल्द संज्ञान नही लिया तो संगठन पूरे प्रदेश में मजदूरों को लामबंद कर एक बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा