सोनीपत: डीसीआरयूएसटी के नौ शोधार्थी पीएचडी उपाधि के लिए पात्र
सोनीपत, 12 जून (हि.स.)। मुरथल
स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) ने शोध
और शैक्षणिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के
कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह ने शुक्रवार को परीक्षकों के बोर्ड और संबंधित शोध समितियों
की अनुशंसा के आधार पर नौ शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि प्रदान किए जाने के लिए पात्र
घोषित किया है। इस संबंध में विश्वविद्यालय की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
कुलगुरु
प्रो. प्रकाश सिंह ने सभी शोधार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना
की। उन्होंने कहा कि शोध किसी भी विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रतिष्ठा
का महत्वपूर्ण आधार होता है। गुणवत्तापूर्ण शोध ज्ञान के नए आयाम स्थापित करने के साथ-साथ
समाज, उद्योग और राष्ट्र की चुनौतियों के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने
कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसा वातावरण विकसित किया जा रहा है, जहां शोधार्थियों को
नवीन विचारों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आधुनिक तकनीकों के साथ काम करने के अवसर मिल
सकें। तकनीकी और प्रतिस्पर्धी दौर में शोध का महत्व लगातार बढ़ रहा है तथा नई खोजें
और नवाचार भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सहायक हैं।
पीएचडी उपाधि के लिए पात्र
घोषित शोधार्थियों में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग से योगेश और गुंजन, रसायन
विज्ञान विभाग से प्रवीन कुमारी और पूजा कुमारी, गणित विभाग से कपिल कुमार, इलेक्ट्रिकल
इंजीनियरिंग विभाग से नितिन गोयल और सुमित कुमार, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग से मुकेश
कुमार तथा मैनेजमेंट स्टडीज विभाग से पूजा शामिल हैं। इन सभी शोधार्थियों ने अपना निर्धारित
शोध कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया है और उनके शोध प्रबंधों को परीक्षकों तथा शोध समितियों
ने स्वीकृति प्रदान की है। कुलगुरु
ने कहा कि यह उपलब्धि शोधार्थियों की मेहनत, समर्पण, शोध निदेशकों के मार्गदर्शन तथा
विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी शोधार्थी
अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय और
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिवार में
खुशी का माहौल है।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

