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हांसी : ग्रामीणों ने चेताया, अनशनकारियों को कुछ हुआ तो विधायक, डीसी व एसपी होंगे जिम्मेवार

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हांसी : ग्रामीणों ने चेताया, अनशनकारियों को कुछ हुआ तो विधायक, डीसी व एसपी होंगे जिम्मेवार


एसपी के बयान पर चानौत के अनशनकारियों ने एफिडेविट

से दिया जवाब

हम अपनी इच्छा से बैठे हैं, गांव के पीने के पानी

के अधिकार के लिए संघर्ष जारी रहेगा

हांसी, 19 जून (हि.स.)। चानौत गांव में पेयजल

आपूर्ति की मांग पर चल रहे आंदोलन के बीच आमरण अनशन पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन और

पुलिस के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता

कर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वे किसी दबाव, प्रलोभन या बहकावे में नहीं, बल्कि

स्वेच्छा से गांव के पीने के पानी के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

अनशन पर बैठे पांचों ग्रामीणों ने कहा कि उनका

आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। वे अपने गांव के लोगों को स्वच्छ और

स्थायी पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग पर संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह केवल

पानी की समस्या नहीं, बल्कि गांव के भविष्य, स्वास्थ्य और मूलभूत अधिकारों से जुड़ा

मुद्दा है। अनशनकारियों ने जारी शपथपत्र में स्पष्ट किया कि यदि उनके स्वास्थ्य या

जीवन को किसी प्रकार की क्षति पहुंचती है तो इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार नहीं होंगे। शपथपत्र में उन्होंने लिखा

है कि यदि कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसके लिए विधायक विनोद भ्याणा, एसपी हांसी विनोद

कुमार और उपायुक्त राहुल नरवाल जिम्मेदार होंगे।

पानी की मांग पर चल रहे आंदोलन का शनिवार को

35वां दिन तथा आमरण अनशन का 11वां दिन रहा। लगातार अनशन के कारण आमरण अनशन पर बैठे

अनशनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। धरना समिति के अनुसार 81 वर्षीय

टेकराम दूहन और बलवान दूहन का रक्तचाप काफी कम दर्ज किया गया, वहीं राजकुमार धानक को

हृदय गति बढ़ने की शिकायत सामने आई। इस दौरान अनशनकारी दिलबाग दूहन को उल्टी की समस्या

हुई। इसके बावजूद सभी अनशनकारियों ने अपनी मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प

दोहराया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर