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हिसार : पुलिस के जागरूकता अभियानाें को धत्ता बता साइबर ठगों ने की लाखों की ठगी

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साइबर ठगों ने बुजुर्ग व युवक को लगाया

चूना

हिसार, 22 अप्रैल (हि.स.)। पुलिस जहां आए दिन साइबर अपराध के प्रति जागरूक

कर रही है वहीं अपराधी भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी कड़ी में साइबर अपराधियों

ने बैंक अधिकारी बनकर एक बुजुर्ग व एक युवा से लाखों की ठगी कर डाली। ठगों ने बुजुर्ग

को आरबीआई का अधिकारी बताकर पीड़ित को एक करोड़ रुपए दिलाने का झांसा दिया और टैक्स

के नाम पर एक महीने में 48 लाख रुपए हड़प लिए। दूसरे मामले में ठगों ने युवक के साथ

56 हजार 375 की धोखाधड़ी की। ठगों ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर जाल बिछाया और वॉट्सएप

पर भेजे एक संदिग्ध लिंक के जरिए पीड़ित के कार्ड की जानकारी हासिल कर ली।

पहले मामले में अग्रोहा थाना के लांधड़ी

गांव निवासी लगभग 60 वर्षीय सुभाष चंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जून

2024 के दौरान उनके साथ यह ठगी हुई। कुमारपाल नाम के एक व्यक्ति ने खुद को भारतीय रिजर्व

बैंक का अधिकारी बताकर उनसे संपर्क किया। ठग ने अपने वॉट्सएप पर आरबीआई का लोगो लगा

रखा था ताकि पीड़ित को उस पर विश्वास हो जाए। आरोपी ने झांसा दिया कि उसे एक करोड़

रुपये की राशि मिलनी है, जिसके बदले में उसे टैक्स जमा करना होगा।

शिकायत के अनुसार वर्ष 2024 में 1

जून से 24 जून के बीच आरोपियों ने पीड़ित को अपनी बातों में उलझाए रखा। सुभाष चंद्र

ने ठगों के कहे अनुसार अपने एसबीआई खाते से विभिन्न चेक और ऑनलाइन माध्यमों से कुल

17-18 अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए। जब आरोपियों ने अपना मोबाइल बंद कर

लिया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।

पीड़ित ने बताया कि इतनी बड़ी राशि

डूबने के कारण वह डिप्रेशन में चला गया था। लंबे समय तक चले इलाज और अब थोड़ा स्वस्थ

होने के बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है ताकि अन्य लोग इस तरह के जाल में

न फंसें।

साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में

विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जांच अधिकारी विनोद कुमार ने बुधवार काे बताया कि जिन

18 खातों में पैसे भेजे गए हैं, उनके विवरण जुटाए जा रहे हैं। इनमें इंदिरा चक्रवर्ती,

लिलिमा कुमारी, शेनल सुनील लोबो और मोहम्मद नौशाद जैसे नाम शामिल हैं।

दूसरे मामले में गांव सातरोड कलां

निवासी राहुल शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह फरीदाबाद की एक निजी कंपनी में लेखाकार

हैं। गत 20 अप्रैल को जब वह घर पर था, तो उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई।

फोन करने वाले ने खुद को एचडीएफसी बैंक का कर्मचारी बताया। उसने राहुल को झांसा दिया

कि उनके क्रेडिट कार्ड पर कुछ रिवॉर्ड पॉइंट्स और बेनिफिट्स पेंडिंग हैं, जिन्हें वे

रिडीम कर सकते हैं।

शिकायत के अनुसार, ठग ने राहुल के

व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा और कहा कि इसमें मांगी गई डिटेल भरकर सबमिट कर दें, जिसके

बाद दो घंटे में बेनिफिट्स मिल जाएंगे। जैसे ही राहुल ने लिंक पर क्लिक कर अपने क्रेडिट

कार्ड की जानकारी भरी, कुछ ही देर में उनके खाते से 56 हजार 375 कटने का मैसेज आ गया।

ठगी का अहसास होते ही राहुल ने तुरंत कार्ड ब्लॉक करवाया और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत

दर्ज कराई। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर