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सिरसा: एसआईआर फार्म के नाम पर साइबर ठगों को ओटीपी न दें: एसपी

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सिरसा: एसआईआर फार्म के नाम पर साइबर ठगों को ओटीपी न दें: एसपी


सिरसा, 25 जून (हि.स.)। सिरसा के एसपी दीपक सहारण ने कहा कि एसआईआर फॉर्म के नाम पर ओटीपी मांगकर साइबर ठग लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि चुनाव आयोग या कोई भी सरकारी एजेंसी फोन कर, ओटीपी, बैंकिंग विवरण व पासवर्ड नहीं मांगती, ऐसे में सावधान रहें।

एसपी दीपक सहारण गुरुवार को एडवाइजरी जारी कर बताया की भारत सरकार द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) प्रक्रिया चलाकर राज्यों में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का कार्य चलाया जा रहा है। इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर साइबर ठग खुद को चुनाव आयोग, बूथ लेवल अधिकारी बीएलओ अथवा सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों को फोन कॉल, व्हाट्सएप संदेश और एसएमएस भेज रहे हैं। इन संदेशों में दावा किया जाता है कि यदि निर्धारित समय में एसआईआर फॉर्म नहीं भरा गया तो संबंधित व्यक्ति का वोटर कार्ड रद्द हो सकता है।

उन्होंने बताया की साइबर अपराधी लोगों से फॉर्म सत्यापन या पंजीकरण के नाम पर मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी, आधार संख्या, बैंक खाते की जानकारी, डेबिट-क्रेडिट कार्ड विवरण और अन्य गोपनीय सूचनाएं मांगते हैं। जैसे ही व्यक्ति यह जानकारी साझा करता है, उसके बैंक खाते, सोशल मीडिया या अन्य ऑनलाइन खातों तक अपराधियों की पहुंच बन सकती है।

साइबर अपराधी कुछ मामलों में एसआईआर के नाम पर फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए भी कहते हैं। यह एप मोबाइल में इंस्टॉल होते ही मोबाइल उपभोक्ता के फोन को नियंत्रण अपराधियों के हाथों मे आ जाता है, जिससे वित्तीय नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है। पुलिस प्रशासन ने एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग या कोई भी सरकारी एजेंसी फोन कर कभी भी ओटीपी, बैंकिंग विवरण अथवा पासवर्ड नहीं मांगती। नागरिक केवल अधिकृत माध्यमों से ही एसआईआर फॉर्म प्राप्त करें और भरें।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma