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हिसार : आल इंडिया सर्कल कबड्डी प्रतियोगिता के महिला वर्ग में सीआरएसयू जींद की टीम बनी विजेता

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हिसार : आल इंडिया सर्कल कबड्डी प्रतियोगिता के महिला वर्ग में सीआरएसयू जींद की टीम बनी विजेता


गुरु जम्भेश्वर

विश्वविद्यालय में आयोजित प्रतियोगितता में सीडीएलयू सिरसा की टीम रही उपविजेता

एशिया कबड्डी फैडरेशन

के अध्यक्ष गुलाब सिंह सैनी रहे समापन समारोह के मुख्यातिथि

हिसार, 06 अप्रैल

(हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के महाराणा प्रताप

स्टेडियम में हुई अखिल भारतीय अन्तर्विश्विद्यालय सर्कल स्टाइल कबड्डी प्रतियोगिता

साेमवार काे संपन्न हो गई। महिला वर्ग में चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद की टीम चैंपियन

बनी। विजेता टीम ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा की टीम को 26-19 से हराया। तीसरे

स्थान पर गुजविप्रौवि की टीम के साथ मारवाड़ी विश्वविद्यालय राजकोट की टीम रही। समापन समारोह के

मुख्यातिथि एशिया कबड्डी फैडरेशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह सैनी रहे। अध्यक्षता मेजबान

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसीराम बिश्नोई ने की।

मुख्य अतिथि गुलाब

सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि सर्कल कबड्डी केवल एक खेल नहीं बल्कि हमारी मिट्टी

की सुगंध है। यह खेल जीवन का आइना है। जहां हमे खुद से ही चुनौतियों का सामना करना

पड़ता है और खुद ही निर्णय लेने पड़ते हैं। साथ ही यह खेल टीम वर्क का भी एक श्रेष्ठ

उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर कबड्डी का भविष्य उज्ज्वल है। दुनिया के

50 देशों में कबड्डी खेली जा रही है। गुलाब सिंह सैनी नेे खिलाड़ियों से कहा कि उन्हें

आने वाले समय में और अधिक बेहतर अवसर मिलेंगे। इसके लिए फैडरेशन ने खास योजना तैयार

की है। प्रतिष्ठित कनाड़ा लीग में अब हरियाणा के खिलाड़ियों को सीधे एन्ट्री मिल रही

है। शीघ्र ही भारत में भी सर्कल कबड्डी लीग आरंभ किए जाने की योजना है। इससे खिलाड़ियों

को और अधिक बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकार दोनों मिलकर

कबड्डी खेल को उच्च स्थान दिलवाने के लिए सहरानीय कार्य रही हैं।

कुलपति प्रो. नरसीराम

बिश्नोई ने अपने संबोधन में कहा कि यह खेल आयोजन ऊर्जा, उत्साह और अनुशासन का उत्सव

रहा। इस खेल आयोजन में मैदान पर साहस, खेल भावना और रणनीति का जीवंत प्रदर्शन हुआ।

कबड्डी हमारी सांस्कृतिक पहचान है। इस खेल में हरियाणा की विश्व स्तर पर प्रतिष्ठा

है। अब यह खेल परंपराओं के प्रतीक से आगे बढ़कर युवाओं के लिए कैरिअर की पहचान भी बन

चुका है। उन्होंने गुजविप्रौवि की खेल उपलब्धियों को जिक्र करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय

अपने विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा निखारने के लिए हर संभव सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा

है। विश्वविद्यालय के खेल की दिशा में प्रयासों के चलते ही विश्वविद्यालय में हरियाणा

सरकार द्वारा शुटिंग, फुटबॉल और योगा के उत्कृष्ट केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके

लिए एक करोड़ रूपए का अनुदान मिला है।

विश्वविद्यालय के

खेल विभाग के अधिष्ठाता प्रो. आशीष अग्रवाल ने स्वागत संबोधन में इस आयोजन के बारे

में विस्तार से जानकारी दी। धन्यवाद संबोधन खेल निदेशक डा. एसबी लूथरा ने प्रस्तुत

किया। मुख्यातिथि ने विजेता टीमों को मैडल तथा ट्रॉफी दी गई तथा खेल समाप्ति की

औपचारिक घोषणा की।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर