मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी कांग्रेस विधायकों ने किया पैदल मार्च
सफाई कर्मियों, कौशल कर्मियों, गेस्ट टीचर्स, बिजली कर्मियों समेत तमाम कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में की नारेबाजी
चंडीगढ़, 31 अगस्त (हि.स.)। मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी साेमवार काे कांग्रेस विधायक नारेबाजी और मार्च करते हुए विधानसभा पहुंचे। इस बार विधायकों ने कर्मचारियों के तमाम मुद्दों को उठाते हुए प्लेकार्ड लहराए। इसमें सफाई कर्मियों की मांगें मानने, कौशल निगम कर्मियों को पक्का करने, कौशल निगम को बन्द करने के लिए ताकि युवाओ का शोषण बंद हो,समान काम समान वेतन ,गेस्ट टीचर्स को पक्का करने, बिजली कर्मियों की मांगों को मानने, फायर ब्रिगेड कर्मियो की मांग, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने, एचपीएससी चेयरमैन को हटाने और बाहरीयों को नौकरी में प्राथमिकता बंद करने व नौकरियों में पारदर्शिता की मांग उठाई गई।
पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में तमाम विधायक सरकार-विरोधी नारेबाजी करते हुए विधानसभा तक पहुंचे। रास्ते में एकबार फिर पुलिस ने बैरिकेडिंग और भारी बल प्रयोग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। सुरक्षाकर्मियों ने विधायकों के साथ धक्कामुक्की करने की भी कोशिश करी। सरकार के इस रवैये की भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कड़े शब्दों में निंदा करी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना न सिर्फ उनका अधिकार है, बल्कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता के मुद्दों को उठाना उनकी जिम्मेदारी भी है। लेकिन ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार पूरी तरह तानाशाही पर उतर आई है और वह जनहित के मुद्दों को पूरी तरह दबाना चाहती है।
हुड्डा ने कहा कि सरकार याद रखे कि ये कांग्रेस के विधायक हैं। कांग्रेस वह संगठन है, जो न किसी से डरता है और न कभी हार मानता है। जनहित के मुद्दों को पार्टी के विधायक, तमाम नेता और कार्यकर्ता सड़क से लेकर सदन तक पुरजोर तरीके से उठाते रहेंगे। कर्मचारियों के साथ कांग्रेस कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनकी तमाम मांगों का समर्थन करती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

