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‘कांग्रेस का गुलदस्ता बिखर गया, पार्टी में खत्म हुआ आंतरिक लाेकतंत्र: कुलदीप शर्मा

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‘कांग्रेस का गुलदस्ता बिखर गया, पार्टी में खत्म हुआ आंतरिक लाेकतंत्र: कुलदीप शर्मा


पूर्व स्पीकर ने कांग्रेस संगठन पर उठाए सवाल, मुझे बोलने नहीं देते, लेकिन चुप नहीं बैठूंगाचंडीगढ़, 25 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने मंगलवार को पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और संगठनात्मक असहमति पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, कांग्रेस का गुलदस्ता बिखर गया है और पार्टी में आंतरिक लाेकतंत्र खत्म हो चुका है।

चंडीगढ़ स्थित एमएलए हॉस्टल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुलदीप शर्मा ने पार्टी में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बोलने का अधिकार देने की पैरवी करते हुए कहा कि कांग्रेस किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है और संगठन को पहले की तरह सभी को साथ लेकर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का गुलदस्ता बिखर गया है और इसे 2005 जैसी कांग्रेस बनाना होगा। उन्होंने कहा कि उस समय सभी लोग साथ थे और पार्टी ने सरकार बनाई थी। उन्होंने पार्टी के पुनर्निर्माण में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ आने की जरूरत बताई।

कुलदीप ने भाजपा सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि आज लोगों में सरकार के खिलाफ आक्रोश है, जिन युवाओं ने भाजपा की सरकार बनाने में भूमिका निभाई थी, उनमें अब राहुल गांधी की लोकप्रियता बढ़ रही है और युवा बदलाव चाहते हैं। उन्होंने बेरोजगारी, एचकेआरएन और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा।

कुलदीप शर्मा ने कहा कि एचकेआरएन के मुद्दे पर हुए प्रदर्शन के दौरान उनके बोलने पर एक नेता ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है और सभी को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने ऐसी रोक-टोक को पार्टी के नियमों के विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि वे पार्टी का अहित होते हुए नहीं देख सकते, इसलिए उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखा था।

सोशल मीडिया पर उनके कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं पर शर्मा ने कहा कि हर तीन-चार महीने बाद इस तरह की पोस्ट सामने आती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसी कोई पोस्ट नहीं डाली। उन्होंने यह भी कहा कि उनका फेसबुक पर कोई पेज नहीं है और उनकी फोटो लगाकर किसी अन्य व्यक्ति ने पेज बनाया होगा।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि हुड्डा का राजनीति में अपना स्थान है और उनके जैसे कार्यकर्ताओं के कुछ कहने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। दीपेंद्र हुड्डा से जुड़े विवाद पर कुलदीप शर्मा ने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा उनके बेटे के समान हैं। यदि उन्होंने खेद व्यक्त कर इस मामले को खत्म करना चाहा है तो अब यह विवाद खत्म होना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा