हरियाणा को राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी से वंचित करना खिलाड़ियों के साथ अन्याय : कांग्रेस विधायक
चंडीगढ़, 05 अगस्त (हि.स.)। कांग्रेस के विधायकों ने बुधवार को केंद्र और राज्य सरकार पर प्रदेश के खिलाड़ियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा को मेजबानी या सह-मेजबानी का अवसर नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई। विधायकों ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए सर्वाधिक पदक जीतने वाले हरियाणा के खिलाड़ियों के योगदान के बावजूद राज्य के साथ अन्याय किया गया है।
कांग्रेस के विधायक अशोक अरोड़ा, आफताब अहमद, भारत भूषण बत्रा, नरेश सेलवाल और बलवान दौलतपुरिया ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेल गुजरात में आयोजित कराए जा रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय पदक तालिका में लगातार अग्रणी रहने वाले हरियाणा को न तो मेजबानी दी गई और न ही सह-मेजबान बनाया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के कुल पदकों में हरियाणा के खिलाड़ियों का योगदान सर्वाधिक रहा है। राज्य के खिलाड़ियों ने अब तक विभिन्न राष्ट्रमंडल खेलों में 100 से अधिक पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है।
विधायकों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पदक लाओ, पद पाओ नीति ने हरियाणा को देश की खेल राजधानी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार खेलों के बुनियादी ढांचे को भी बेहतर बनाए रखने में विफल रही है। खिलाड़ियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
कांग्रेस नेताओं ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम को बंद करने की भी मांग की। उनका आरोप था कि निगम के माध्यम से युवाओं की नियमित और स्थायी नौकरियों का रास्ता बंद किया जा रहा है तथा रोजगार व्यवस्था को संविदा आधारित बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निगम को समाप्त करने की मांग को लेकर 19 अगस्त को पंचकूला स्थित निगम कार्यालय के बाहर राज्य स्तरीय धरना दिया जाएगा। इस प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह सहित पार्टी के अधिकांश सांसद, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। इसके बाद आंदोलन को जिला स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

