हरियाणा: सहायता प्राप्त कॉलेज अध्यापकों को दो माह से नहीं मिला वेतन
चंडीगढ़, 09 मई (हि.स.)। हरियाणा में सहायता प्राप्त (एडेड) कॉलेजों के करीब डेढ हजार अध्यापकों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है। जिसके चलते 96 एडेड कॉलेजों के अध्यापक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर वेतन भुगतान को ट्रेजरी प्रणाली के अधीन लाने की मांग उठाई है।
एसोसिएशन के प्रधान डॉ.सुदीप कुमार ने कहा कि टीचर शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें ही समय पर वेतन नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि अब टीचर चुप नहीं बैठेंगे। शिक्षकों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। हर दो-तीन माह बाद वेतन भुगतान में देरी से टीचरों और उनके परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
एडेड कॉलेजों के टीचरों का वेतन सीधे ट्रेजरी सिस्टम के जरिए जारी किया जाए, ताकि भुगतान तय समय पर हो सके। शिक्षकों का तर्क है कि राज्य के अन्य सरकारी कर्मचारियों को नियमित वेतन मिलता है, जबकि एडेड कॉलेजों के शिक्षकों को हर बार इंतजार करना पड़ता है। प्रदेश में एडेड कॉलेजों का मुद्दा पहले भी कई बार उठ चुका है।
वेतन अटकने से टीचरों के सामने घर चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की फीस, बैंक की किस्तें और रोजमर्रा के खर्च प्रभावित हो रहे हैं। कई टीचर कर्ज लेकर परिवार चला रहे हैं। इसका असर कॉलेजों की पढ़ाई और छात्रों के भविष्य पर भी पडऩे लगा है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार को अब अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि स्थायी व्यवस्था लागू करनी होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

