हांसी : प्रदेश में 1063 निजी स्कूलों के एमआईएस पोर्टल बंद होने से संचालकों में रोष, बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
हांसी-हिसार-सिरसा के स्कूल संचालकों ने विभागीय रिपोर्टिंग पर उठाए सवाल
विधायक के माध्यम से शिक्षा मंत्री से आमने-सामने बैठक की मांग
हांसी, 08 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा में 1063 निजी स्कूलों के एमआईएस पोर्टल
बंद किए जाने के बाद स्कूल संचालकों में रोष बढ़ गया है। इस मुद्दे को लेकर हांसी,
हिसार और सिरसा जिलों के कई निजी स्कूल संचालकों की बैठक हिंदू सीनियर सेकेंडरी स्कूल
परिसर में हुई। बैठक में शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पोर्टल जल्द बहाल
करने और समस्या का स्थायी समाधान किए जाने की मांग की गई।
स्कूल संचालकों ने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर बिना उचित भौतिक सत्यापन
के निदेशालय को भेजी गई रिपोर्ट के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। उनका कहना है कि रिपोर्ट
में कई स्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को भी गैर-मान्यता प्राप्त अथवा अस्थायी श्रेणी
में दर्शा दिया गया है, जबकि कुछ स्कूल पहले से ‘एग्जिस्टिंग’ सूची में शामिल हैं।
संचालकों के अनुसार, पिछले वर्ष भी इसी प्रकार की स्थिति बनी थी और बाद में विभाग ने
अपनी रिपोर्ट में त्रुटि मानते हुए संबंधित स्कूलों के पोर्टल दोबारा शुरू किए थे।
स्कूल संचालकों का कहना है कि एमआईएस पोर्टल स्कूलों के दैनिक शैक्षणिक एवं
प्रशासनिक कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पोर्टल बंद होने के कारण नए विद्यार्थियों
का दाखिला दर्ज करने, स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों के नाम हटाने तथा आवश्यक प्रमाणपत्र
संबंधी प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर प्रभावित स्कूलों
की सूची प्रसारित होने से अभिभावकों में भी भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
बैठक में स्कूल संचालकों ने कहा कि यदि किसी स्कूल के दस्तावेजों या मान्यता
संबंधी स्थिति में कोई कमी है तो विभाग को संबंधित स्कूल को व्यक्तिगत रूप से ईमेल,
संदेश या फोन के माध्यम से सूचना देनी चाहिए। सोशल मीडिया पर सूची जारी करने से स्कूलों
की छवि प्रभावित होती है और इसका सीधा असर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बीच विश्वास
पर पड़ता है।
संचालकों ने इस मामले के समाधान के लिए विधायक विनोद भ्याना को ज्ञापन सौंपने
का निर्णय लिया। उनकी मांग है कि विधायक की मध्यस्थता से शिक्षा मंत्री और संबंधित
विभागीय अधिकारियों के साथ स्कूल संचालकों की आमने-सामने बैठक करवाई जाए, ताकि हर वर्ष
सामने आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

