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हरियाणा में ओम्निबस बिल से कारोबार होगा आसान, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को रफ्तार

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- 500 करोड़ ‘सक्षम’ फंड और नए कानून से उद्योगों को मिलेगी नई ताकत

चंडीगढ़, 30 अप्रैल (हि.स.)। नायब सरकार ने प्रदेश को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए विनियामक ढांचे में बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। डी-रेगुलेशन अभियान के तहत प्रस्तावित ओम्निबस बिल के जरिए नियमों को सरल और एकीकृत किया जाएगा, जिससे कारोबार करना आसान होगा। सरकार का फोकस लालफीताशाही खत्म करने, स्वीकृति प्रक्रियाओं में तेजी लाने और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर है। साथ ही, 500 करोड़ रुपये के ‘सक्षम’ फंड से इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती दी जाएगी।

इसी कड़ी में प्रस्तावित सर्वग्राही विधेयक (ओम्निबस बिल) के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा सुधारों को संस्थागत रूप देने की तैयारी है।

कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठक और हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में यहां हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में अनुपालन में कमी और डी-रेगुलेशन फेज-2 के अन्तर्गत हुए सुधारों की समीक्षा की गई। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए प्रस्तावित हरियाणा ओमनीबस बिल विभिन्न नियामकीय बदलावों को एकीकृत विधायी ढांचे में समाहित करेगा। इससे विभागों में एकरूपता सुनिश्चित होगी और लालफीताशाही को कम करने तथा शासन को सरल बनाने वाले सुधारों को दीर्घकालिक कानूनी आधार मिलेगा।

बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों ने 28 प्राथमिकता वाले सुधार क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। इन सुधारों का उद्देश्य अनुपालन बोझ को कम करना, स्वीकृति प्रक्रियाओं में तेजी लाना तथा व्यवसायों, संस्थानों और नागरिकों के लिए एक सुगम पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है।

अधिकांश सुधार प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा चुके हैं और कई लागू होने की प्रक्रिया में हैं, जो राज्य के सुधार एजेंडे में तेजी को दर्शाता है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को लंबित प्रस्तावों को शीघ्र पूरा करने, एमआईएस पोर्टल पर कार्ययोजनाएं तुरंत अपलोड करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सुधारों का जमीनी स्तर पर स्पष्ट और मापनीय प्रभाव दिखाई दे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों की सफलता जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करेगी। बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डाॅ. अमित कुमार अग्रवाल, अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जे. गणेशन तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।---------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा