9वीं-11वीं में फेल छात्रों को दूसरा मौका, शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला
-फेल विद्यार्थियों को 45 दिन बाद दोबारा परीक्षा का मौका
चंडीगढ़, 30 अप्रैल (हि.स.)। शिक्षा विभाग ने ड्राप आउट रोकने को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब 9वीं व 11वीं कक्षा में फेल होने पर विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं छूटेगी, बल्कि फेल हुए विद्यार्थियों को री-एग्जाम (दोबारा परीक्षा) का मौका मिलेगा।
सेकेंडरी शिक्षा महानिदेशक की ओर से गुरुवार काे सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि 9वीं व 11वीं कक्षा में फेल हुए विद्यार्थियों के रि-एग्जाम लिए जाएं।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षाओं में कई छात्र असफल रहे हैं। ऐसे में यह देखा गया कि असफलता के बाद कई विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ देते हैं, जिससे ड्रॉपआउट दर बढ़ने का खतरा रहता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
विभाग ने स्पष्ट हिदायत दी है कि किसी एक परीक्षा में असफल होने के कारण विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो। कई बार बीमारी, पारिवारिक कारण या अन्य परिस्थितियों के चलते छात्र अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते, ऐसे में उन्हें एक और अवसर देकर आगे बढ़ने का मौका दिया जा रहा है। विभाग का यह फैसला ड्रॉपआउट दर को कम करने और शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि जो विद्यार्थी 9वीं व 11वीं कक्षा में फेल हुए हैं, उन्हें द्वितीय अवसर यानी पुन: परीक्षा का मौका दिया जाए।
यह पुनः परीक्षा लगभग 45 दिनों के अंतराल के बाद आयोजित की जाएगी, ताकि छात्रों को तैयारी का पर्याप्त समय मिल सके। परीक्षा का आयोजन स्कूल स्तर पर संबंधित विषय अध्यापकों द्वारा किया जाएगा। जो विद्यार्थी इस परीक्षा में पास होंगे, उन्हें अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा, जिससे उनका एक शैक्षणिक वर्ष खराब होने से बच सके। विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों को विशेष कक्षाएं और शैक्षणिक सहयोग प्रदान करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी छात्र ड्रॉपआउट न हो, इसके लिए समय-समय पर उनकी काउंसलिंग की जाए।
---
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

