भिवानी में अध्यापिका की मौत पर सीबीआई की रिपोर्ट खारिज
सीबीआई कोर्ट ने दोबारा दिए जांच के आदेश
अब सीनियर आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में होगी जांच
चंडीगढ़, 31 अक्टूबर (हि.स.)। सीबीआई कोर्ट ने भिवानी की 19 वर्षीय प्ले-स्कूल टीचर मनीषा की मौत के मामले में शनिवार को अहम फैसला सुनाते हुए मृत्यु को आत्महत्या बताने वाली सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया। अब इस केस की जांच नए सिरे से की जाएगी। सीबीआई में सीनियर आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में यह जांच की जाएगी। मनीषा के परिवार ने सीबीआई की उस क्लोजर रिपोर्ट का विरोध किया था, जिसमें मनीषा की मौत हो आत्महत्या बताया गया था।
मनीषा का शव 13 अगस्त 2025 को भिवानी के सिंघानी गांव के खेतों में मिला था। 18 अगस्त 2025 को पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था। इसके बाद प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन हुए। 26 अगस्त 2025 को मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। करीब एक साल की जांच के बाद सीबीआई ने कोर्ट में अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी।
सीबीआई ने 12 अगस्त 2026 को पंचकूला की विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी और मौत की वजह खुदकुशी बताई थी। हालांकि, मृतका के पिता संजय कुमार और उनके वकीलों ने इस रिपोर्ट को अदालत में चुनौती दी। याचिका में सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग, एफएसएल रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की सत्यता पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।
परिजनों का तर्क था कि मौके के तथ्य आत्महत्या की ओर इशारा नहीं करते।
शनिवार को सीबीआई कोर्ट ने ने इस संबंध में आदेश जारी किए गए। आदेश के बाद क्लोजर रिपोर्ट सीबीआई के पास वापस भेजी जाएगी। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की देखरेख में सीबीआई की टीम नए सिरे से तमाम सबूतों, एफएसएल रिपोर्ट और परिस्थितियों की गहन जांच पड़ताल शुरू करेगी।
मृतका के पिता संजय ने कहा कि सीबीआई ने डेढ़ साल जांच के बाद इसे आत्महत्या बताकर क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में दी थी, जिसे हमने चुनौती दी थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब हमें दोबारा से न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

