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बैंक घाेटाले में गिरफ्तार आईएएस व पूर्व अधीक्षक काे न्यायिक हिरासत में भेजा

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चंडीगढ़, 22 जून (हि.स.)। बैंक घोटाले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए आईएएस अधिकारी तथा उनके सहयोगी को

सोमवार को पंचकूला स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया। जहां से दोनों को 14 दिन

की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

आईडीएफसी

फर्स्ट बैंक घोटाले में जांच के चलते बीती 18 जून को आईएएस आर.के.सिंह को गिरफ्तार

किया गया था। सीबीआई ने आर.के. सिंह के अलावा इस मामले में विकास एवं पंचायत

विभाग के पूर्व अधीक्षक प्रिंस शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया था।

पंचकूला कोर्ट में पेश करने के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को

बताया कि आरोपी आईएएस अधिकारी राम कुमार सिंह ने गिरफ्तारी

से पहले ही बैंक फ्रॉड के मास्टरमाइंड के साथ हुई अपनी चैटिंग को डिलीट कर दिया।

सीबीआई ने कोर्ट में

बताया कि जांच अभी निर्णायक चरण में है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की

पड़ताल जारी है। सीबीआई के अनुसार हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार की अनुमति के बाद

पंचकूला एसीबी में दर्ज एफआईआर को सीबीआई ने अपने हाथ में लिया था। एजेंसी ने

मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के

तहत केस दर्ज किया है।

जांच एजेंसी ने

कोर्ट को बताया कि इससे पहले 21 मई 2026 को 13

आरोपियों के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट दाखिल की गई थी। इसके बाद 12

जून को एक पूरक रिपोर्ट दाखिल कर विक्रम वाधवा और राजन सिंह को भी

आरोपी बनाया गया। हालांकि अन्य विभागों और संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका को लेकर

जांच अभी खुली हुई है। सीबीआई का दावा है

कि जांच में राम कुमार सिंह की भूमिका उस समय सामने आई जब वे नगर निगम पंचकूला और

नगर परिषद कालका में आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। वहीं प्रिंस शर्मा की भूमिका

विकास एवं पंचायत विभाग में तैनाती के दौरान सामने आई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा