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भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व जज सुधीर परमार और भतीजा बरी

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चंडीगढ़, 21 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा की सीबीआई विशेष अदालत ने चर्चित भ्रष्टाचार मामले में पूर्व जज सुधीर परमार, उनका भतीजा अजय परमार और तीन बड़े बिल्डर्स - एम3एम के मालिक रूप बंसल, आईआरईओ के वाइस चेयरमैन ललित गोयल और वटिका लिमिटेड के मालिक अनिल भल्ला को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।मामले की शुरूआत अप्रैल 2023 में हुई थी, जब हरियाणा के राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एफआईआर दर्ज की। इसमें आरोप लगाया गया कि जज सुधीर परमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रियल एस्टेट कंपनियों से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए संपर्क बनाए। जांच एजेंसी का कहना था कि जज और उनके परिवार से जुड़े लोगों ने उस समय 7 से 8 करोड़ रुपये की संपत्तियां खरीदीं, जब इन कंपनियों के खिलाफ जांच चल रही थी। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि इन खरीदारी के लिए पर्याप्त वित्तीय स्रोत नहीं दिखाए गए।इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच की थी। ईडी ने पहले 2021 में ललित गोयल को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था और जनवरी 2022 में अभियोजन शिकायत दर्ज की थी। ईडी के अनुसार, होमबायर्स के करीब 1777 करोड़ रुपये को विदेशों में डायवर्ट किए जाने का आरोप था। इसी दौरान कंपनियों की संपत्तियों की अटैचमेंट प्रक्रिया भी चल रही थी।मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि किसी भी आरोपित के खिलाफ रिश्वत का सीधा प्रमाण नहीं है। किसी प्रकार के अनुचित लाभ या प्रभाव का ठोस सबूत नहीं मिला। संपत्तियों की खरीद को अवैध साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज नहीं हैं। अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए कहा कि उपलब्ध साक्ष्य आरोप तय करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। अदालत के इस फैसले के साथ ही फिलहाल इस मामले में सभी आरोपितों को राहत मिल गई है। विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा