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कैथल: कनाडा भेजने के नाम पर 63.60 लाख की ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार

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कैथल: कनाडा भेजने के नाम पर 63.60 लाख की ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार


कैथल, 24 अक्टूबर (हि.स.)। विदेश भेजने और कनाडा का वर्क परमिट दिलाने के नाम पर करीब 63 लाख 60 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में कैथल पुलिस की एंटी इमिग्रेशन सेल ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहाली के मोतिया हरमोनी सिटी निवासी रिषभ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए एक दिन का रिमांड हासिल किया है।गांव हाबड़ी निवासी सिमरनजीत सिंह ने शिकायत में बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है और करीब सात वर्ष कनाडा में पढ़ाई करने के बाद मार्च 2025 में भारत लौटा था। वह अपने परिवार सहित दोबारा कनाडा जाना चाहता था, जहां उसकी योजना कंस्ट्रक्शन सुपरवाइजर के पद पर वर्क परमिट प्राप्त करने की थी। इसी दौरान उसने फेसबुक पर चंडीगढ़ स्थित ग्रे इमिग्रेशन लॉ फर्म का विज्ञापन देखा। संपर्क करने पर कुछ लोगों ने खुद को इमिग्रेशन विशेषज्ञ बताते हुए परिवार सहित कनाडा भेजने का भरोसा दिया।शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी बातचीत प्रदीप कुमार, गुरदीप सिंह, ऋषभ और रमित कुमार सहित अन्य लोगों से हुई। अक्टूबर 2025 में प्रदीप कुमार और गुरदीप सिंह ने उसे कैथल बाईपास पर पुंडरी-कैथल रोड पर बुलाया और कनाडा भेजने के लिए प्रति व्यक्ति करीब 30 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद उसने आरोपियों को नकदी, पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज सौंप दिए।भाई और गांव के अन्य लोगों को भी भेजने का दिया भरोसाआरोप है कि वीजा फीस, एंबेसी फीस, वर्क परमिट, फाइल चार्ज और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर अलग-अलग तारीखों में बैंक खातों, ऑनलाइन माध्यमों और नकद के जरिए रकम ली गई। आरोपियों ने शिकायतकर्ता के भाई बेअंत सिंह और गांव के गुरशरण सिंह व निहाल सिंह के परिवारों को भी कनाडा भेजने का भरोसा दिया। इनके पासपोर्ट और दस्तावेज लेकर प्राइम इमिग्रेशन सर्विस नामक फर्म के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करवाने की बात कही गई। शिकायत के अनुसार, इस फर्म के कार्यालय में भी विभिन्न मदों के नाम पर भुगतान करवाया गया।अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 तक अलग-अलग बैंक खातों में कई बार रकम जमा करवाई गई। फरवरी के अंतिम दिनों में शिकायतकर्ता अपने भाई और एक अन्य व्यक्ति के साथ चंडीगढ़ स्थित प्राइम इमिग्रेशन सर्विस के कार्यालय पहुंचा, जहां आरोपियों को अंतिम भुगतान के तौर पर 10 लाख रुपये नकद दिए गए। इसके बावजूद न तो कनाडा का वीजा मिला और न ही वर्क परमिट जारी हुआ।शिकायतकर्ता के अनुसार, उसके साथ करीब 63.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई। इस संबंध में थाना पूंडरी में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच एंटी इमिग्रेशन सेल प्रभारी पीएसआई अमन की अगुवाई में एएसआई जसबीर सिंह कर रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी ऋषभ को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की पूछताछ की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे