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हरियाणा में बिल्डरों को राहत, बकाया ईडीसी चुकाने के लिए छह महीने मिले

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‘समाधान से विकास-2021' योजना अब 31 दिसंबर तक लागूचंडीगढ़, 31 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने लाइसेंस और चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) मामलों में एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी) का बकाया चुकाने वाले बिल्डरों और डेवलपर्स को बड़ी राहत दी है। सरकार ने वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना ‘समाधान से विकास-2021' की अवधि छह महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दी है। सरकार ने देरी से भुगतान करने वालों पर आर्थिक दबाव भी बढ़ाया है। अब योजना के तहत जितनी देर से भुगतान होगा, उतना ही अधिक ब्याज और पेनल इंटरेस्ट देना पड़ेगा।

संशोधित व्यवस्था के अनुसार, 100 प्रतिशत मूलधन जमा करने वाले डेवलपर्स को अब बकाया ब्याज और पेनल इंटरेस्ट का निर्धारित हिस्सा जमा करना होगा, जो हर महीने 1 प्रतिशत बढ़ता जाएगा। इसी तरह 50 प्रतिशत मूलधन जमा करने वाले विकल्प में भी ब्याज की देनदारी हर महीने बढ़ेगी। यानी जो डेवलपर जल्दी योजना का लाभ उठाएंगे, उन्हें कम अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ेगी। सरकार के अनुसार, यदि कोई डेवलपर 50 प्रतिशत मूलधन जमा करता है तो शेष 50 प्रतिशत राशि चार छमाही किस्तों में जमा कर सकेगा। हालांकि इस पर 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और डिफॉल्ट की स्थिति में अतिरिक्त 2 प्रतिशत ब्याज देना होगा। पहली किस्त की गणना 50 प्रतिशत मूलधन और लागू ब्याज जमा करने की तारीख से होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल वही लाइसेंस और सीएलयू मामले योजना के दायरे में आएंगे जिनमें संबंधित संपत्ति की सेल डीड योजना समाप्त होने से पहले टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के पक्ष में प्राप्त हो जाएगी। योजना की अन्य सभी शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा