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जींद : स्टडी वीजा पर यूरोप गए युवक की मौत, 10 लाख खर्च करके शव लाए परिजन

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जींद : स्टडी वीजा पर यूरोप गए युवक की मौत, 10 लाख खर्च करके शव लाए परिजन


जींद, 16 अगस्त (हि.स.)। जींद से नौ माह पहले स्टडी वीजा पर यूरोप गए 22 वर्षीय निहाल सिंह की वहां डूबने से मौत हो गई। युवक के पिता की सात साल पहले मौत हो चुकी है। मां ने रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर इकलौते बेटे को भेजा था। अब 10 लाख रुपये खर्च कर युवक का शव गांव लाया गया। शव गांव पहुंचने पर रविवार को बड़ी बहन ने भाई का अंतिम संस्कार किया।

मृतक मॉल्डोवा में दोस्तों के साथ वीकएंड पर समुद्र घूमने गया था। जिस बोट में वो बैठा था, अचानक से वह डूबने लगी। समुंद्र में डूबने से युवक की मौत हो गई। निहाल सिंह पढ़ाई के साथ-साथ वहां पर एक होटल में पार्ट टाइम डिलीवरी ब्वाय का काम करता था। युवक के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नही है। इसी कारण उसे विदेश भेजा गया था ताकि वो पढ़ाई के साथ वहां जॉब कर पैसे भेज सके। गांव चांदपुर निवासी निहाल सिंह लगभग नौ महीने पहले स्टडी वीजा पर विदेश गया था। वह मॉल्डोवा के चिशिनाउ सिटी में रह कर होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा था। पढ़ाई के साथ वह होटल में पार्ट टाइम डिलीवरी ब्वाय का काम भी करता था। परिवार को उम्मीद थी कि पढ़ाई और कमाई से उसकी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। मृतक के चचेरे भाई प्रवीन कुमार ने बताया कि निहाल को विदेश भेजने में परिवार ने करीब 15 लाख रुपये खर्च किए थे। मां सुनीता देवी के पास इतने पैसे नहीं थे, इसलिए रिश्तेदारों और जानकारों से रकम जुटाई गई। अब शव भारत लाने में भी करीब 10 लाख रुपये खर्च हुए, जिसमें कुछ राशि परिवार और कुछ भाईचारे से जुटाई गई।

31 जुलाई को नदी में डूबा निहाल

प्रवीन ने बताया कि 31 जुलाई को निहाल दोस्तों के साथ घूमने गया था। इसी दौरान मॉल्डोवा की समुद्र से लगती निस्ट्रू रिवर में हुए हादसे में वह डूब गया। हादसे के बाद उसका शव भारत लाने में 17 दिन लग गए। शव गांव पहुंचने के बाद परिवार में मातम छा गया। निहाल के पिता कृष्ण कुमार की सात साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद मां सुनीता देवी ने दोनों बच्चों का पालन पोषण किया। घर के पास उनकी करियाना की दुकान है। निहाल परिवार का अकेला कमाने वाला था और उसकी मौत से परिवार को बड़ा झटका लगा है।

हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा