भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर चलेगा जनअभियान
-शहरों में सडक़ों, पार्कों और स्मृति स्थलों के जरिए दिखेगा आयोजन का असर
-बूथ से लेकर राष्ट्रीय मंच तक तैयारियां तेज, हरियाणा को मिला विशेष फोकस
चंडीगढ़, 21 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती को इस बार बड़े जनअभियान के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। केंद्रीय नेतृत्व की ओर से सभी राज्यों को कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा भेजी गई है और 23 जून से 6 जुलाई तक राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रमों की शृंखला चलेगी। इस अभियान में हरियाणा को विशेष महत्व दिया गया है और प्रदेश स्तर का मुख्य आयोजन अंबाला में प्रस्तावित किया गया है। भाजपा की रणनीति केवल स्मरण कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। संगठन और सरकार दोनों स्तर पर ऐसे कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं, जिनके जरिए मुखर्जी के विचारों को जनभागीदारी और सार्वजनिक गतिविधियों से जोड़ा जा सके।भाजपा ने हरियाणा में अंबाला को मुख्य आयोजन स्थल के रूप में चुना है। इसके पीछे ऐतिहासिक संदर्भ भी बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं के अनुसार कश्मीर जाते समय श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंबाला में रुके थे और यहां जनसभा को भी संबोधित किया था। इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए इस बार अंबाला में प्रदेश स्तर का बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, श्रम एवं ऊर्जा मंत्री अनिल विज सहित केंद्र के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी प्रस्तावित है। संगठन स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं ताकि कार्यक्रम को राज्य के प्रमुख राजनीतिक आयोजनों में शामिल किया जा सके।
इस अभियान की एक बड़ी विशेषता यह रहेगी कि कार्यक्रम केवल सभाओं और मंचों तक सीमित नहीं रहेंगे। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। योजना के तहत शहरों में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर सडक़ों का नामकरण किया जाएगा। साथ ही पार्क विकसित करने और चयनित सार्वजनिक स्थलों तथा चौराहों पर उनकी प्रतिमाएं स्थापित करने की दिशा में भी काम होगा। सरकार का मानना है कि इससे नई पीढ़ी को उनके जीवन और योगदान से परिचित कराने में मदद मिलेगी।
भाजपा ने कार्यक्रमों का कैलेंडर भी तय कर दिया है। 23 जून को श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस से अभियान की शुरुआत होगी और 6 जुलाई को उनकी जयंती तक अलग-अलग स्तर पर आयोजन होंगे। अंबाला के अलावा पठानकोट, श्रीनगर, नई दिल्ली, जम्मू और कोलकाता में भी बड़े कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इनमें राष्ट्रीय नेतृत्व की भागीदारी रहने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

