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जींद : नए नियमों के विरोध में आढ़तियों ने दिया धरना, फसल खरीद का कार्य ठप

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जींद : नए नियमों के विरोध में आढ़तियों ने दिया धरना, फसल खरीद का कार्य ठप


जींद, 03 अप्रैल (हि.स.)। जुलाना कस्बे की नई अनाज मंडी में किसानों और आढ़तियों ने सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए नियमों के विरोध में धरना दिया। पूरे दिन मंडी में खरीद-फरोख्त ठप रही और किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस के जिला प्रधान रिषिपाल हैबतपुर ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जो सीधे तौर पर किसानों और आढ़तियों के हितों के खिलाफ हैं। सरकार की नीतियों के कारण मंडियों की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

रिषिपाल हैबतपुर ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा सरकार हर रोज नए-नए नियम थौंप कर किसानों और आढ़तियों को परेशान करने का काम कर रही है। यह पूरी तरह से तुगलकी रवैया है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडियों में पहले से ही पर्याप्त सुविधाओं का अभाव है, ऊपर से सरकार द्वारा जबरन नए नियम लागू कर दिए गए हैं। जिससे हालात और बिगड़ गए हैं। उन्होंने फसल लेकर आने वाले किसानों के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट और बायोमेट्रिक प्रणाली को अनिवार्य किए जाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि यह नियम पूरी तरह अव्यवहारिक और किसान विरोधी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसानों के पास ट्रैक्टर के दस्तावेज पूरे नहीं होतेए वहीं बायोमेट्रिक प्रणाली भी तकनीकी समस्याओं से जूझती रहती है। ऐसे में यह नियम किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाएगा। मंडी के समय को सुबह छह बजे से शाम आठ बजे तक सीमित करने के फैसले को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि अधिकांश किसान रात के समय कंबाइन से फसल कटाई करते हैं और सुबह या देर रात अपनी उपज मंडी में लाते हैं। ऐसे में समय सीमा तय करना किसानों के काम में बाधा डालने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को जमीनी हकीकत की कोई समझ नही है। उन्होंने मांग की कि गेहूं की खरीद पुरानी प्रणाली के अनुसार की जाए और मंडियों में पानी, बिजली, शौचालय व अन्य मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध करवाई जाएं। धरने में मौजूद किसानों और आढ़तियों ने भी एकजुट होकर सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातींए आंदोलन जारी रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा