सोनीपत: भाजपा की तीसरी बार सरकार जनमत से नहीं वोट चोरी से बनी: इंदुराज भालू
सोनीपत, 10 अक्टूबर (हि.स.)। बरोदा
से कांग्रेस विधायक इंदुराज भालू ने शनिवार को अपने कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ
बैठक कर संगठन में नियुक्तियों, दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन, पार्टी की गुटबाजी
और धान खरीद के मुद्दे उठाए। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्य चुनाव
आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
विधायक
ने आरोप लगाया कि हरियाणा में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में संगठन मजबूत करने के लिए
ब्लॉक और मंडल स्तर पर अध्यक्षों की नियुक्तियां करेगी। इस संबंध में बैठक हो चुकी
है और पूरे प्रदेश में नियुक्तियां की जाएंगी। दिल्ली
के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भालू ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन
करने जा रहे लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली को
सील करने और सुरक्षा बलों के 35 हजार जवान तैनात करने के साथ कांग्रेस नेताओं को घरों
में नजरबंद किया गया। उनके अनुसार, राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन के नेता
प्रदर्शन कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रदर्शन से रोकना लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ
है।
फरीदाबाद
में कांग्रेस की दो महिला नेताओं के बीच मारपीट के वीडियो को लेकर पूछे गए सवाल पर
विधायक ने पहले मारपीट से इनकार किया। बाद में उन्होंने कहा कि बड़े परिवारों में छोटी-मोटी
बातें होती रहती हैं और कांग्रेस में नेताओं को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने
भाजपा में सबसे ज्यादा गुटबाजी होने का आरोप लगाया और कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र
सिंह हुड्डा सभी दलों के निशाने पर हैं, क्योंकि वे 36 बिरादरी के नेता हैं।
भालू
ने प्रदेश की मंडियों में धान खरीद और उठान में देरी पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने
कहा कि मंडियों में धान की ढेरियां लगी हैं, लेकिन उठान नहीं हो रहा। पीआर धान खरीदने
के लिए एजेंसियां नहीं पहुंच रहीं और मंडियों में फसल उतारने की जगह तक नहीं बची है।
उन्होंने दावा किया कि अंबाला-चंडीगढ़ मार्ग पर सर्विस रोड पर भी धान पड़ा दिखाई दिया। विधायक
ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से पंजाब के बजाय हरियाणा के किसानों की समस्याओं पर
ध्यान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को वादे के अनुसार फसल का भाव दिया
जाए और नमी के नाम पर धान खरीद में उन्हें परेशान न किया जाए। उनके मुताबिक, खरीद और
उठान की अव्यवस्था से प्रदेशभर के किसान परेशान हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

