हिसार : जाति प्रमाणपत्र में नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में भीम आर्मी ने सौंपा ज्ञापन
राष्ट्रपति के नाम डीसी के माध्यम से भेजा ज्ञापन, एडवोकेट सुरेंद्र इंदल बोले,
संवैधानिक पहचान से खिलवाड़ स्वीकार नहीं
हिसार, 18 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा में अनुसूचित जाति के एक वर्ग के जाति प्रमाणपत्र
में चमार के स्थान पर मेघवाल शब्द का विकल्प दिए जाने के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
के प्रस्ताव के विरोध में भीम आर्मी ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर रोष
जताया। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रभारी अमित जाटव और जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट
सुरेंद्र इंदल के संयुक्त नेतृत्व में उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
सौंपा। मुख्यमंत्री ने 23 अगस्त को बावल में आयोजित कार्यक्रम में केंद्र सरकार को
इस संबंध में सिफारिश भेजने की बात कही थी।
जिला प्रभारी अमित जाटव ने कहा कि अनुसूचित जातियों की सूची में संशोधन का
प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 341 में है और इसमें बदलाव की प्रक्रिया संसद और राष्ट्रपति
से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव आगे बढ़ाना
संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप होना चाहिए। वहीं जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट सुरेंद्र इंदल
ने आरोप लगाया कि बिना व्यापक सामाजिक सहमति के जातीय पहचान में बदलाव का प्रयास दलित
समाज की एकता को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने सरकार से प्रस्ताव वापस लेने की मांग
की। ज्ञापन में मुख्यमंत्री की घोषणा को वापस लेने, अनुसूचित जातियों की संवैधानिक
पहचान से जुड़े मामलों में प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने, दलित युवाओं के बैकलॉग
पद भरने, छात्रवृत्तियों का समय पर भुगतान करने तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार
निवारण अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई। भीम आर्मी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो संगठन प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के अगस्त में दिए
बयान के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में इस प्रस्ताव के विरोध में ज्ञापन और प्रदर्शन
हुए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

