हिसार : छात्रवृति फार्मो को शुरू करके दोबारा दुरुस्त करने का मौका दिया जाए : नरेश गुणपाल
हिसार, 21 जनवरी (हि.स.)। आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश गुणपाल ने राज्य के उच्चत्तर
शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजकर वर्ष 2021 से लेकर वर्ष 2025 तक के अनुसूचित जाति से
संबंधित विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति से संबंधित फार्मों के रिजेक्शन को हटाने की
मांग की है। उन्होंने महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, चेयरमैन विश्वविद्यालय अनुदान
आयोग नई दिल्ली, निदेशक दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
विश्वविद्यालय हिसार एवं एससी एसटी सेल गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
हिसार को भी पत्र की प्रति भेजी है।
अपने पत्र में नरेश गुणपाल ने बुधवार काे कहा कि छात्रवृति फॉर्मों की जितनी भी हर छात्रवृति
पोर्टल पर पेडेंसी हुई हैं उन पेडेंसी के बारे में तकरीबन अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों
को तो यह बिल्कुल भी मालूम नहीं था कि उनके छात्रवृति से संबंधित फॉर्म अधूरे थे, जिनके
कारण उन्हे रद्द कर दिया गया हैं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति से संबंधित विद्यार्थी
गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार के स्टडी
सेंटरों के माध्यम से दूरवर्ती शिक्षा हासिल कर रहे थे तो स्टडी सेंटरों में भी दूरवर्ती
शिक्षा से संबंधित कार्य अन्य को दिया हुआ था, जिनको यह कार्य दिया हुआ था, उन द्वारा
विद्यार्थियों से समय पर फीस लेकर विश्वविद्यालय में समय पर जमा नहीं करवाई गई, जिसके
कारण अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को आज भी इनका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। पत्र में कहा गया है कि छात्रवृति फॉर्म में द्वितीय वर्ष में फीस की रसीद
का ऑब्जेक्शन लगने के कारण ही यह सब पेडेंसी हुई है जो कि स्टडी सेंटरों द्वारा इनको
समय पर क्लीयर किया जाना चाहिए था।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

