हिसार बार एसोसिएशन के चुनाव पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया लगाई रोक
बीसीआई के फैसले के खिलाफ वकीलों ने की बैठक, चुनाव करवाने पर अड़े
हिसार, 04 जून (हि.स.)। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बड़ा फैसला लेते हुए हिसार
बार एसोसिएशन के आगामी चुनाव पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। यह चुनाव 12 जून को
होने थे। बीसीआई के फैसले के खिलाफ वकील गुरुवार को बार रूम में एकत्रित हुए और फैसले
का विरोध किया। वकीलों ने बैठक के दौरान कहा कि हर हाल में चुनाव होना चाहिए। इसके
बाद फैसला लिया गया कि 12 जून को ही बार का चुनाव किया जाएगा और बीसीआई को पत्र का
जवाब दे दिया जाएगा।
इससे पहले बीसीआई की एग्जीक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन अपूर्बा कुमार शर्मा ने
नियमों के उल्लंघन की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए यह अंतरिम आदेश जारी किया है। साथ
ही हिसार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, सचिव और अन्य पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन
दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। दूसरी ओर बार चुनाव को लेकर हिसार बार में नामांकन
भरे जा चुके थे। ऐसे में हिसार बार के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है।
दरअसल, हिसार बार एसोसिएशन के कुछ सदस्यों ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सामने
एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि 12 जून को होने वाली चुनाव
प्रक्रिया में बार काउंसिल ऑफ इंडिया और पंजाब व हरियाणा बार काउंसिल के नियमों व गाइडलाइंस
की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
चुनाव पर रोक लगाने के साथ ही बीसीआई ने पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल को
निर्देश दिया है कि वे तुरंत एक उचित कमेटी या एडहॉक व्यवस्था का गठन करें, जो हिसार
बार एसोसिएशन के दैनिक कार्यों को संभालेगी। हालांकि, इस कमेटी को सीमित अधिकार दिए
गए हैं। कमेटी केवल रूटीन प्रशासनिक और रोजमर्रा के कामकाज ही देखेगी। पंजाब एवं हरियाणा
बार काउंसिल की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी बड़ा नीतिगत या वित्तीय फैसला नहीं लिया
जा सकेगा। बीसीआई ने साफ किया है कि इस अंतरिम व्यवस्था के दौरान आम वकीलों, मुवक्किलों
या न्यायिक प्रशासन को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
बीसीआई के प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्रीमंतो सेन द्वारा प्रमाणित इस आदेश में देश
भर की बार एसोसिएशनों को कड़ा संदेश दिया गया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि कोई
भी बार एसोसिएशन स्टेट बार काउंसिल या बीसीआई के नियमों से ऊपर नहीं है। यदि कोई भी
चुनाव नियमों को ताक पर रखकर कराया जाता है, तो सक्षम अथॉरिटी को उसमें दखल देने और
उसे रद्द करने का पूरा कानूनी अधिकार है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

