हरियाणा की पुलिस लाइन,ट्रेनिंग सेंटरों में बनेंगे बैंक्वेट हाल
एक अक्टूबर से पुलिस कर्मियों को मिलेगी नई सुविधा
चंडीगढ़, 17 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा पुलिस के जवानों को बेटी की शादी पर ढाई लाख रुपये शगुन देने की योजना शुरू करने के बाद अब पुलिस कर्मचारियों को बच्चों के शादी-विवाह के अवसर पर मैरिज पैलेस जैसे महंगे खर्च से छुटकारा मिलेगा।
प्रदेश की विभिन्न पुलिस लाइनों में 17 बैंक्वेट हॉल तैयार किए जा चुके हैं, जिन्हें 1 अक्टूबर 2026 से फंक्शनल किया जाएगा। हरियाणा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने गुरुवार को चंडीगढ़ में जारी जानकारी में बताया कि इनमें से 15 बैंक्वेट हॉल पुलिस लाइनों में, एक हरियाणा पुलिस अकादमी तथा एक कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में तैयार किया गया है। इन बैंक्वेट हॉल का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को शादी, सगाई, जन्मदिन, पारिवारिक समारोह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सुविधाजनक, सुव्यवस्थित और बेहतर स्थान उपलब्ध कराना है। इससे पुलिसकर्मियों को निजी स्तर पर कार्यक्रमों के लिए अलग स्थान तलाशने और अतिरिक्त खर्च की चिंता से भी राहत मिलेगी। पुलिस लाइनों में उपलब्ध इन सुविधाओं के माध्यम से पुलिस परिवारों को उनके कार्यस्थल के आसपास ही बेहतर सामाजिक एवं सामुदायिक सुविधा मिल सकेगी।
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि एक अप्रैल 2026 से शुरू की गई ‘शगुन योजना’ के तहत पुलिसकर्मियों की बेटियों की शादी के लिए 2.50 लाख की राशि शगुन के तौर पर प्रदान की जा रही है। अब तक 74 बेटियों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है और कुल 1.85 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। इसी प्रकार, ‘हॉस्टल योजना’ के तहत घर से बाहर हॉस्टल में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थियों को ग्रांट दी जाती है। प्राप्त 5 आवेदनों पर कार्रवाई करते हुए प्रत्येक विद्यार्थी को 50-50 हजार की हॉस्टल ग्रांट प्रदान की जा चुकी है। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों के परिवारों को यह भरोसा देना भी है कि विभाग उनके भविष्य की जरूरतों में उनके साथ खड़ा है।
पुलिस महानिदेशक पुलिस हाउसिंग के विस्तार, नए पुलिस स्टेशन और पुलिस लाइंस के निर्माण तथा आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। पुलिसकर्मियों के लिए पर्याप्त आवास उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। वर्तमान में करीब 15 हजार पुलिस आवास उपलब्ध हैं। आने वाले वर्षों में पुलिस हाउसिंग का बड़े स्तर पर विस्तार करने के लिए चरणबद्ध योजना तैयार की गई है। वर्ष 2030 तक पुलिस आवासों की संख्या को लगभग 15 से 20 हजार तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, विजन 2047 के तहत पुलिस हाउसिंग सैटिस्फैक्शन को बढाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
गृह विभाग और वित्त विभाग के सहयोग से करीब 658 करोड़ की अतिरिक्त राशि विभाग को उपलब्ध कराई गई है। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर, पुलिस हाउसिंग, आधुनिक उपकरणों और पुलिस फोर्स के मॉडर्नाइजेशन पर किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

