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बैंक घोटाले की सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर,दो आईएएस निलंबित

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चंडीगढ़, 09 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा में हुए बैंक घोटाले में कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। इस बीच गुरुवार को ही हरियाणा सरकार ने दो आईएएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में करीब 590 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ, जिसमें आईएएस अधिकारियों ने बैंक प्रबंधकों से मिलीभगत कर सरकारी पैसे को इधर से उधर खुर्दबुर्द किया और इसके बदले में निजी लाभ कमाए। इसी तरह, कोटक महिंद्रा बैंक ने पंचकूला नगर निगम के करीब 160 करोड़ रुपये को खुर्दबुर्द करने का काम किया। एयू स्माल फाइनेंस में भी करोड़ों रुपये के घपले में हुए हैं।

हरियाणा सरकार ने गुरुवार को 2011 बैच के आईएएस प्रदीप कुमार-1 और 2012 बैच के राम कुमार सिंह को निलंबित कर दिया। प्रदीप कुमार परिहवन विभाग में निदेशक व विशेष सचिव तथा रामकुमार सिंह राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत हैं। राज्य सरकार द्वारा किसी आईएएस अधिकारी के विरुद्ध जारी निलंबन का आदेश केवल 30 दिनों तक वैध होता है। इसके बाद केंद्र सरकार की स्वीकृति आवश्यक होती है।

प्रदीप कुमार करीब अढाई महीने बाद 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जबकि राम कुमार सिंह की सेवानिवृत्ति डेढ़ वर्ष बाद 30 नवंबर 2027 में निर्धारित है। निलंबन के आदेशों में सीधे तौर पर बैंक घोटालों का कोई उल्लेख नहीं है। राज्य की अफसरशाही में पूरे दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के इस कदम की चर्चा होती रही। बुधवार को देररात जारी 15 उच्च अधिकारियों की तबादला सूची में भी पांच अधिकारी ऐसे हैं, जिन्हें प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से बैंक घोटालों में संलिप्त बताया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा