हिसार : फसलों की तुरंत गिरदावरी करके 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे सरकार : संपत सिंह
इनेलो नेता ने कई गांवों में जाकर लिया फसलों
के नुकसान का जायजा
हिसार, 01 अप्रैल (हि.स.)। इनेलो के राष्ट्रीय
संरक्षक एवं पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह ने सरकार से मांग की है कि किसान की फसलों
की तुरंत गिरदावरी करके 50 हजार रुपये रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा
कि मंगलवार की बरसात, ओले और तूफान से हिसार जिले के नलवा, आदमपुर और बरवाला विधानसभा
क्षेत्रों व प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के गांवों में भी जबरदस्त नुकसान हुआ है।
प्रो. संपत सिंह बुधवार को शाहपुर, न्योली कलां
और किरतान गांवों में फसलों को हुए नुकसान का जायजा ले रहे थे। संपत सिंह के अनुसार
इन गांवों में उनकी सैकड़ों किसानों से मुलाकात हुई, सभी किसानों के चेहरे चिंताग्रस्त
व तनाव में थे क्योंकि उनकी गेहूं, सरसों और चने की फसलों का जबरदस्त नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि पिछली खरीफ फसल के समय इसी क्षेत्र में ड्रेन, नहर व माइनरों के टूटने
से सेमग्रस्त क्षेत्र की हजारों एकड़ भूमि पर फसलों का नुकसान हुआ था। बहुत जगह तो रबी
की बिजाई भी नहीं हो पाई थी। इस बार गेहूं, सरसों और चने की जबरदस्त फसल थी और किसान
इसी फसल से अपनी उम्मीद लगाए बैठा था कि घर-परिवार के खर्चे का बोझ कुछ तो कम होगा।
पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने जो नुकसान देखा
है, वो धूप निकलने के बाद और अधिक नजर आएगा। खेतों में खड़ी गेहूं की बालियां पकी हुई
थी, फसलें गिरी हुई थी और उनकी बालियां सफेद हो चुकी थी। धूप निकलने के बाद और अधिक
नुकसान स्पष्ट नजर आएगा। सरसों भी खेतों में काटकर किसानों ने खुले में खेतों में डाल
रखी थी उस पर भी जबरदस्त नुकसान हुआ है। इसी तरह उन्होंने चनों में देखा कि औला पड़ने
से दानें काले पड़ गये है। उन्होंने कहा कि किसान का इस समय सभी फसलों पर पूरा खर्चा
लग चुका है। फसल को समेटकर मंडी में ले जाने का समय था। उसके सभी अरमान आसुओं में बह
गए हैं। इस स्थिति में सरकार को तुरंत फसलों के नुकसान की गिरदावरी करनी चाहिए और
50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

