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पानीपत: आसाराम केस का गवाह ब्लैक मेलिंग के आराेप में भाई-भतीजे समेत गिरफ्तार

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पानीपत: आसाराम केस का गवाह ब्लैक मेलिंग के आराेप में भाई-भतीजे समेत गिरफ्तार


पानीपत, 19 अप्रैल (हि.स.)। पानीपत में कथा वाचक आसाराम केस के मुख्य गवाह महेंद्र चावला को पुलिस ने बीती रात गिरफ्तार कर लिया। महेंद्र ने एक केस में गवाही के नाम पर सरपंच से ब्लैकमेल कर 70 लाख रुपए हड़प लिए। रुपए देने के बाद भी आरोपी 80 लाख रुपए की डिमांड करता रहा। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महेंद्र व उसके भाई देवेंद्र और भतीजे राम को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने महेंद्र की मां गोपाली देवी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। इसकी शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी। शिकायतकर्ता भगत सिंह ने बताया कि महेंद्र चावला और सनौली गांव के सरपंच संजय त्यागी का कोई कोर्ट केस चल रहा है। इसी को लेकर महेंद्र की मां गोपाली देवी उनके पास आई। उन्होंने कहा कि हमारे मुकदमे में करीब एक करोड़ रुपए खर्च हो गए हैं अगर वो सरपंच संजय से उन्हें ये रुपए दिला दे तो वे कोर्ट में संजय के पक्ष में गवाही दे देंगे।

इसके बाद भगत सिंह ने सरपंच संजय से संपर्क करना शुरू किया। महेंद्र का पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा के साथ भी एक केस चल रहा है। इस केस में उसने सुरेंद्र के खिलाफ दर्ज एफआईआर में समझौते के लिए स्टाम्प पेपर पर साइन कर दिए। भगत सिंह ने बताया कि केस में समझौता करने के बदले महेंद्र को मार्च में 70 लाख रुपए दिए। महेंद्र का भाई देवेंद्र और उसका बेटा राम इन रुपयों को एक मीडिएटर के घर से ले गया। जिसकी सीसीटीवी फुटेज हमने पुलिस को सौंप दी है।

शिकायतकर्ता भगत सिंह ने बताया कि महेंद्र चावला ने सरपंच के पक्ष में गवाही दी। उस समय उसने कोर्ट में अपने ही परिचितों को पहचानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने और रुपए हड़पने की प्लानिंग शुरू की। पांच मार्च को अगली तारीख पर पेश न होने के लिए झूठा मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करा दिया। इसके बाद महेंद्र ने 18 मार्च को 80 लाख रुपए और देने की डिमांड की। धमकी दी कि अगर ये पैसे नहीं मिले तो कोर्ट में वह झूठी गवाही देगा। उसने कहा कि सरपंच करोड़पति है, 80 लाख रुपए देना उसके लिए बड़ी बात नहीं है। एंटी नारकोटिक्स सैल प्रभारी फूल कुमार ने बताया कि रविवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया जहां से तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा