कर्ज व झूठे वादों का दस्तावेज है बजट:अनुराग ढांडा
चंडीगढ़, 02 मार्च (हि.स.)। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हरियाणा की मेहनतकश जनता एक बार फिर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह द्वारा पेश किया गया बजट 2026-27 असल में विकास का नहीं, बल्कि कर्ज और झूठे वादों का दस्तावेज है। सरकार दावा कुछ और करती है, जबकि हकीकत कुछ और बयां कर रही है। राज्य पर ₹3.5 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज बताया जा रहा है, लेकिन वास्तविक बोझ करीब ₹5 लाख करोड़ के आसपास है। इससे भी ज्यादा शर्मनाक यह है कि सरकार की लगभग 34 प्रतिशत आमदनी उधार से आएगी और बजट का करीब 30 प्रतिशत, यानी लगभग ₹67,000 करोड़ केवल पुराने कर्ज की किस्तें चुकाने में उड़ जाएगा। यह विकास नहीं, कर्ज का मेला है।
उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने हरियाणा की हर महिला को बिना किसी शर्त ₹2100 मासिक देने का वादा किया था। आज वही सरकार बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए केवल ₹6,500 करोड़ रखकर अपने वादे से साफ पलट गई है। यदि करीब 1 करोड़ महिलाओं को ₹2100 प्रति माह देना हो तो सालाना लगभग ₹22,000 करोड़ की आवश्यकता होगी। लेकिन बजट के आंकड़े खुद बता रहे हैं कि सरकार के पास महिलाओं के लिए न नीयत है और न ही पर्याप्त निधि। अभी तक केवल लगभग 9 लाख महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है। यह महिलाओं के सम्मान का नहीं, उनके भरोसे के साथ खिलवाड़ का बजट है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी भाजपा सरकार की प्राथमिकताएं उजागर हो गई हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुताबिक शिक्षा पर कम से कम 6 प्रतिशत खर्च होना चाहिए, लेकिन हरियाणा सरकार ने केवल 1.9 प्रतिशत बजट शिक्षा के नाम पर रखा है। सरकारी स्कूलों में 15,451 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं और कॉलेजों में 2,400 से अधिक टीचिंग और नॉन-टीचिंग पद रिक्त हैं। जब शिक्षक ही नहीं होंगे तो युवाओं का भविष्य कैसे बनेगा? यह सरकार युवाओं के सपनों को कमजोर कर रही है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की स्थिति भी चिंताजनक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

