हिसार : पेयजल संकट पर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा,किया प्रदर्शन
जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन कर तीन
दिन में समाधान का अल्टीमेटम
हिसार, 20 जुलाई (हि.स.)। लंबे समय से पीने के
पानी के घोर संकट से जूझ रहे जिले के गांव पाबड़ा के ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार
टूट गया। इसके चलते सोमवार को कनौह मोड़ के सैकड़ों ग्रामीणों ने जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी
विभाग के कार्यालय के समक्ष एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया और संबंधित विभाग के
अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपना रोष व्यक्त किया।
प्रेम प्रधान और जिला प्रधान सरजीत के नेतृत्व
में हुए इस प्रदर्शन के दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे कनिष्ठ अभियंता
अनिल को विभाग के उप-मंडल अभियंता के नाम एक ज्ञापन सौंपा और दो टूक शब्दों में चेतावनी
दी कि यदि अगले तीन दिनों के भीतर गांव में पेयजल किल्लत का स्थाई समाधान नहीं किया
गया, तो ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ते हुए कड़ा रुख अख्तियार करने
को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों के भारी आक्रोश और दफ्तर के घेराव को
देखते हुए जेई अनिल ने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर उन्हें शांत कराया और जनस्वास्थ्य
विभाग की ओर से आधिकारिक आश्वासन दिया कि आगामी तीन दिन के अंदर-अंदर गांव पाबड़ा में
पीने के पानी की समस्या का हर हाल में समाधान कर दिया जाएगा।
इस दौरान प्रदर्शन में मुख्य रूप से शामिल प्रधान
प्रेम, जिला प्रधान सरजीत, जगदीश, सतबीर, पप्पू राम, करण सिंह, जुगल किशोर, प्रवीण,
विक्की, भारती, सुमन, रेखा, बिल्लो, सीमा व कुसुम आदि ने बताया कि गांव के कनौह मोड़
पर पिछले काफी लंबे अरसे से ग्रामीण पेयजल के गंभीर संकट से दो-चार हो रहे हैं और मूलभूत
आवश्यकता के लिए उन्हें बूंद-बूंद पानी को तरसना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया
कि इस विकराल समस्या को लेकर वे संबंधित विभाग के आला अधिकारियों और कर्मचारियों के
समक्ष दर्जनों बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते आज तक इस समस्या
का कोई समाधान नहीं किया गया, जिसके कारण ग्रामीणों में सरकार और स्थानीय प्रशासन के
खिलाफ भारी नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर पेयजल
संकट का यथाशीघ्र निपटारा किया जाए ताकि भीषण गर्मी में लोगों को हो रही इस मानसिक
व शारीरिक परेशानी से स्थाई निजात मिल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

