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सोनीपत निगम में जेई पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप, आयुक्त से शिकायत

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सोनीपत निगम में जेई पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप, आयुक्त से शिकायत


सोनीपत, 28 अक्टूबर (हि.स.)। सोनीपत

नगर निगम में नई प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के नाम पर दस हजार रुपये रिश्वत मांगने, अभद्रता

करने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी के नेता विमल किशोर ने बुधवार काे निगम आयुक्त

से शिकायत की है। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ बुधवार को प्रदर्शन करने के बाद ज्ञापन देकर मामले की निष्पक्ष जांच

और आरोप सही मिलने पर संबंधित जेई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जेई विपिन

राणा ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उन्होंने नियमानुसार आवेदन आगे भेजा

था।

शिकायत

के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को नई प्रॉपर्टी आईडी के लिए आवेदन संख्या 0502348742105

जमा कराया गया था। करीब दो महीने बाद 12 सितंबर को इसे यह कहते हुए रद्द कर दिया गया

कि पुरानी प्रॉपर्टी आईडी में नाम बदलवाया जाए। इसके बाद 13 सितंबर को आवेदन संख्या

0502349123902 के तहत दोबारा आवेदन किया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर 29 सितंबर

को निगम आयुक्त से शिकायत की गई।

विमल

किशोर का आरोप है कि जेई विपिन राणा से मिलने पर उन्होंने आईडी बनवाने के नाम पर दस

हजार रुपये मांगे। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस से संपर्क करने के बाद रिकॉर्डिंग के लिए

उपकरण लेकर दोबारा संपर्क किया, लेकिन आरोप है कि जेई को इसकी जानकारी हो गई और रिश्वत

को लेकर बातचीत नहीं हुई।

शिकायत

के मुताबिक, 26 अक्टूबर को रात आठ बजे आवेदन पर विकास शुल्क की मांग लगाकर उसे दूसरे

स्तर पर भेजा गया। 27 अक्टूबर को इस बारे में पूछने पर जेई पर अभद्रता करने, झगड़े

पर उतारू होने और धमकी देने के आरोप लगाए गए। शिकायतकर्ता ने घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग

होने का भी दावा किया। इस संबंध में 27 अक्टूबर को निगम आयुक्त को डायरी संख्या आर

9666 के तहत शिकायत दी गई। विमल

किशोर ने सवाल उठाया कि पहले आवेदन को रद्द करने के बाद उन्हीं दस्तावेजों के आधार

पर प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ाई गई। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जनता से

मिलने का समय, काम पूरा करने की समय सीमा और जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही,

कार्यालयों में ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग भी की।

जेई

विपिन राणा ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि संबंधित काम उन्हें दो दिन पहले ही मिला

था। उन्होंने मेकर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए आवेदन आगे भेज दिया। उन्होंने

आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए विवाद खड़ा किया जा रहा है और विमल किशोर किसी अन्य

व्यक्ति की आईडी को लेकर मामला उठा रहे हैं। शिकायत

में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। निगम प्रशासन की ओर से जांच या

कार्रवाई के संबंध में कोई आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं कराया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना