हिसार : एचएयू के एबिक सेंटर का स्टार्टअप हरियाणा में पंजीकृत, कृषि स्टार्टअप्स को मिलेंगे नए अवसर
हरियाणा में कृषि आधारित नवाचारों और कृषि स्टार्टअप्स को मिलेगी नई गति :
प्रो. कम्बोज
हिसार, 24 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के एबिक सेंटर का स्टार्टअप
हरियाणा में पंजीकरण हो गया है। इस उपलब्धि से हरियाणा में कृषि आधारित नवाचारों और
कृषि स्टार्टअप्स को नई गति मिलेगी। अब एबिक से जुड़े पात्र स्टार्टअप्स हरियाणा की
विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे तथा 10 लाख रुपये तक की अनुदान राशि के लिए आवेदन
करने के लिए भी पात्र होंगे। यह वित्तीय सहायता नए उत्पादों के विकास, प्रारूप तैयार
करने, बाजार परीक्षण तथा उद्यम को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।
कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने शुक्रवार काे इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए एबिक की टीम को बधाई
देते हुए कहा कि स्टार्टअप हरियाणा में पंजीकृत होने से विश्वविद्यालय की नवाचार गतिविधियों
को और मजबूती मिलेगी।
इससे कृषि क्षेत्र के युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र
में नए अवसर प्राप्त होंगे एवं हरियाणा में एग्री स्टार्टअप का मजबूत इकोसिस्टम विकसित
होगा। एबिक आने वाले वर्षों में राज्य के कृषि नवाचारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय
स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार की स्टार्टअप हरियाणा
नीति के अनुसार पंजीकृत इन्क्यूबेटरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों,
स्टार्टअप डेलिगेशन, सेमिनार और प्रदर्शनी आयोजित करने अथवा उनमें भाग लेने के लिए
50 लाख रूपए तक की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा स्टार्टअप प्रतियोगिताओं, हैकाथॉन
एवं इनोवेशन कार्यक्रमों के आयोजन के लिए 20 लाख रूपए तक की सहायता उपलब्ध होगी। कृषि
एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय कृषि विकास योजना-रफ्तार कार्यक्रम
के अंतर्गत अब तक सात प्रशिक्षण चरणों के माध्यम से 280 कृषि उद्यमियों को प्रशिक्षित
किया जा चुका है। साथ ही 77 स्टार्टअप्स को लगभग 10 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता स्वीकृत
की गई है।
एबिक के निदेशक डॉ. राजेश गेरा ने बताया कि एबिक वर्ष 2019 से कृषि एवं किसान
हितैषी नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। नई तकनीकों पर आधारित इन्क्यूबेशन
सुविधाओं के विकास एवं आधुनिक उपकरणों की स्थापना के लिए भी वित्तीय सहयोग का प्रावधान
किया गया है। इन सुविधाओं से एबिक अपनी प्रयोगशालाओं, परीक्षण सुविधाओं, मेंटरिंग सेवाओं
और उद्योग-स्टार्टअप नेटवर्क को और अधिक मजबूत करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

