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हिसार के हरियाणा कृषि विवि ने कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए किया टैफे से समझौता

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हिसार के हरियाणा कृषि विवि ने कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए किया टैफे से समझौता


किसानों की जरूरतों के अनुसार ट्रैक्टरों व कृषि उपकरणों का होगा परीक्षण

प्रदर्शन के आधार पर सुधार के लिए उद्योग को दिए जाएंगे सुझाव

हिसार, 03 नवंबर (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और ट्रैक्टर्स एंड फार्म

इक्विपमेंट लिमिटेड (टैफे) ने कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहन देने तथा कृषि उपकरणों

की गुणवत्ता और उपयोगिता बेहतर बनाने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए

हैं। इसके तहत विश्वविद्यालय के अनुसंधान फार्मों पर ट्रैक्टरों और अन्य कृषि उपकरणों

का विभिन्न कृषि कार्यों में परीक्षण किया जाएगा। इनके प्रदर्शन का वैज्ञानिक मूल्यांकन

कर किसानों की जरूरतों के अनुरूप सुधार के सुझाव कंपनी को दिए जाएंगे।

कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय कृषि अनुसंधान और

तकनीक को किसानों तक पहुंचाने के लिए सरकारी एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ सहयोग

बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में टैफे के साथ यह समझौता किया गया है। समझौते के दौरान कंपनी

की ओर से उपाध्यक्ष मनोहरन सुंदरम, वरिष्ठ प्रधान अभियंता कीर्ति शंकरन और वरिष्ठ प्रबंधक

हरजीत सिंह मौजूद रहे।

विस्तार शिक्षा निदेशक एवं मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डॉ. नरेश कौशिक ने मंगलवार काे बताया

कि यह साझेदारी विश्वविद्यालय, किसानों और कृषि उद्योग के बीच तालमेल मजबूत करेगी।

इससे कृषि मशीनरी के परीक्षण, अनुसंधान और तकनीकी सुधार को गति मिलेगी। विश्वविद्यालय

की कृषि विशेषज्ञता और टैफे के ट्रैक्टर एवं कृषि उपकरण निर्माण के अनुभव का संयुक्त

लाभ किसानों को मिल सकेगा। समझौते के तहत कंपनी आरडीएस सीड्स फार्म को दो ट्रैक्टर

उपलब्ध करवाएगी, जिनका विभिन्न कृषि कार्यों में उपयोग कर उनकी कार्यक्षमता और प्रदर्शन

का आकलन किया जाएगा।

अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने कहा कि खेतों में मशीनों के इस्तेमाल के

दौरान किसानों को आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का अध्ययन किया जाएगा। इन समस्याओं

और किसानों के अनुभवों से कंपनी को अवगत करवाया जाएगा, ताकि कृषि उपकरणों को अधिक सुविधाजनक,

उपयोगी और जरूरतों के अनुकूल बनाया जा सके। फार्म निदेशक-कम-नियंत्रण अधिकारी डॉ. संजय ठकराल ने कहा कि अनुसंधान फार्मों

पर इस तरह की संयुक्त पहल से कृषि कार्यों में दक्षता बढ़ेगी। आधुनिक कृषि यंत्रों

के उपयोग से किसानों का समय और श्रम बचेगा तथा खेती के कार्य अधिक सरल और प्रभावी बन

सकेंगे। इस अवसर पर मीडिया एडवाइजर डॉ. संदीप आर्य, डॉ. योगेश जिंदल, डॉ. जितेन्द्र

भाटिया और डॉ. अनुराग भी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर