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हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में एमएससी व एमटेक में प्रवेश शुरू

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हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में एमएससी व एमटेक में प्रवेश शुरू


भविष्य सुरक्षित करने का बेहतरीन अवसर

हिसार, 12 मई (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान

एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की ओर से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमएससी (पर्यावरण

विज्ञान) तथा एमटेक (पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के

लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है।आवेदन की अंतिम तिथि एक जून सायं

पांच बजे तक निर्धारित की गई है।

विभागाध्यक्ष प्रो. आशा गुप्ता ने मंगलवार काे बताया कि वर्तमान

समय में पर्यावरण क्षेत्र तेजी से उभरता हुआ करियर विकल्प बन चुका है। यह कोर्स विद्यार्थियों

को बेहतर रोजगार, आकर्षक वेतन, शोध के अवसर तथा सरकारी एवं निजी क्षेत्र में उज्ज्वल

भविष्य प्रदान करता है। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना

नहीं, बल्कि उन्हें सरकारी नौकरियों, स्वरोजगार तथा उद्योगों में सफल प्रोफेशनल बनने

के लिए तैयार करना है।

इस पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें

उत्कृष्ट प्लेसमेंट एवं करियर संभावनाएं हैं। विभाग से शिक्षित विद्यार्थी आज भारतीय

मौसम विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय

एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान

(एनईईआरआई), वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों

में सहायक प्रोफेसर एवं वैज्ञानिक पदों पर कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त अनेक विद्यार्थी

एल एंड टी, टाटा प्रोजेक्ट्स, अडानी इन्फ्रा, जिंदल स्टील, टाटा स्टील, गेल तथा इंडियन

ऑयल कॉर्पोरेशन, जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में पर्यावरण अभियन्ता, डिजाइन अभियन्ता,

तकनीकी सलाहकार एवं प्रबंधन पदों पर कार्य कर रहे हैं।

विभाग के कई पूर्व विद्यार्थियों ने अपने स्वयं

के स्टार्टअप भी स्थापित किए हैं, जिनके माध्यम से वे न केवल स्वयं रोजगार प्राप्त

कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान कर रहे हैं तथा विभाग एवं विश्वविद्यालय

का नाम रोशन कर रहे हैं। कोर्स में सीवेज एवं औद्योगिक अपशिष्ट उपचार,

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, ऊर्जा एवं पर्यावरण, ईटीपी/एसटीपी

डिजाइन, पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए), पर्यावरण मॉनिटरिंग, प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण

जागरूकता एवं कानून तथा पर्यावरण रसायन जैसे आधुनिक एवं रोजगारोन्मुखी विषयों का अध्ययन

कराया जाता है।

इस कोर्स के बाद विद्यार्थियों के लिए प्रमुख

करियर विकल्पों में सहायक प्रोफेसर एवं शोध वैज्ञानिक, पर्यावरण अभियन्ता एवं डिजाइन

अभियन्ता, तकनीकी सलाहकार एवं पर्यावरण प्रबंधन विशेषज्ञ, सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र

में विशेषज्ञ पद, विदेशों में शिक्षण एवं शोध, बड़ी कंपनियों में अभियान्त्रिकी एवं

प्रबंधन पद, स्टार्टअप संस्थापक, नीति विश्लेषक एवं पर्यावरण शोधकर्ता शामिल हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर