हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के शिक्षकों व शोधार्थियों को मिले 3.83 करोड़ के 19 शोध प्रोजेक्टस
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने शोधार्थियों को सौंपे शोध परियोजनाओं के
स्वीकृत पत्र
शोध से ही बनती शिक्षक की पहचान : प्रो. नरसी राम बिश्नोई
हिसार, 20 जुलाई (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा है कि शिक्षक की पहचान शोध से ही बनती है।
शोध समाज व राष्ट्र उपयोगी होना चाहिए। गुजविप्रौवि में उच्चस्तरीय शोध की परम्परा
है। यही कारण है कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों व शोधार्थियों को हरियाणा राज्य उच्चतर
शिक्षा परिषद से प्रदेश में सर्वाधिक 19 शोध प्रोजेक्ट मिले हैं।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने सोमवार को विश्वविद्यालय के कमेटी हॉल में
शोध परियोजनाएं प्राप्त करने वाले शोधार्थियों को शोध प्रोजेक्ट स्वीकृति पत्र सौंपे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. विजय कुमार, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. योगेश
चाबा, प्रो स्नेहलता, प्रो. सुजाता सांघी व प्रो. अलका शर्मा उपस्थित रहे। कुलपति प्रो.
नरसी राम बिश्नोई ने इन शोध प्रोजेक्ट स्वीकृतियों के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा प्रदेश शोध में देशभर में अग्रणी पहचान बना
रहा है। ये सभी शोध माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत/2047 के संकल्प
को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि अनुदान के आबंटन के अवसर पर कुलपतियों
के साथ हुई बैठक में माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुजविप्रौवि के शैक्षणिक
व शोध वातावरण की सराहना की। उन्होंने शोध परियोजनाएं प्राप्त करने वाले शिक्षकों व
शोधार्थियों से कहा कि वे अपने साथी शिक्षकों को भी इस प्रकार की परियोजनाओं के लिए
आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। सरकार इस दिशा में सकारात्मक है। शोध के लिए अनुदान
की कोई कमी नहीं है। साथ ही उन्होंने शिक्षकों व शोधार्थियों से कहा कि अखिल भारतीय
तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) तथा अन्य एजेंसियों में भी शिक्षकों को शोध आवेदन करने
चाहिए।
कुलसचिव डा. विजय कुमार ने भी शोध परियोजनाएं प्राप्त करने वाले शोधार्थियों
को बधाई दी तथा कहा कि हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद से सर्वाधिक शोध परियोजनाएं
मिलना गुजविप्रौवि के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गुजविप्रौवि
की सभी शोध परियोजनाएं उच्चस्तरीय गुणवता के साथ पूरी होंगी। डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो.
योगेश चाबा ने भी शोधार्थियों को शुभकामनाएं दी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

