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हरियाणा एसीबी जल्द लांच करेगी मोबाइल एप

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हरियाणा एसीबी जल्द लांच करेगी मोबाइल एप


-पांच माह में 67 ट्रैप ऑपरेशन, 83 मामले किए दर्ज

चंडीगढ़, 04 जून (हि.स.)। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) जल्द ही एक अत्याधुनिक मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्य सीधे ब्यूरो तक पहुंचा सकेंगे। एसीबी प्रमुख ए.एस. चावला ने गुरुवार को पंचकूला मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रस्तावित मोबाइल ऐप को आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बेहद सरल बनाया जा रहा है। ऐप के माध्यम से शिकायतकर्ता भ्रष्टाचार से संबंधित वीडियो एवं फोटो अपलोड कर सकेंगे, हेल्पलाइन से सीधे संपर्क कर सकेंगे तथा संबंधित जिले की एसीबी यूनिट के अधिकारियों की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। शिकायतकर्ता अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए भी भ्रष्टाचार की सूचना दे सकेंगे, जबकि प्राप्त सूचनाओं का सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ उल्लेखनीय अभियान चलाते हुए कुल 83 आपराधिक मामले दर्ज किए, जिनमें 67 ट्रैप ऑपरेशन के दौरान रिश्वत लेते हुए अधिकारियों, कर्मचारियों एवं निजी व्यक्तियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि ब्यूरो ने जनवरी से मई तक के 117 कार्यदिवसों में औसतन हर दूसरे दिन एक सफल रेड की है।

ब्यूरो प्रमुख ने बताया कि दर्ज 67 ट्रैप मामलों में गिरफ्तार आरोपियों में 8 ग्रुप-बी अधिकारी, 51 ग्रुप-सी कर्मचारी तथा 9 निजी व्यक्ति शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावी जांच और मजबूत अभियोजन के कारण इस अवधि में 18 मामलों में 20 आरोपियों को सजा दिलाई गई है, जिनमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं निजी व्यक्ति शामिल हैं।

चावला ने बताया कि 1 जनवरी से 31 मई 2026 के दौरान ब्यूरो ने भ्रष्टाचार से संबंधित 40 विभागीय जांचें दर्ज कीं, जिनमें नगर योजनाकार, तहसीलदार, बीडीपीओ, वरिष्ठ लेखा अधिकारी, चिकित्सक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। इस अवधि में 36 जांचें पूरी की गईं, जिनके आधार पर 63 राजपत्रित अधिकारियों तथा 10 अराजपत्रित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है। वहीं, चार मामलों में 3 राजपत्रित अधिकारियों, 1 अराजपत्रित कर्मचारी तथा 16 निजी व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमे दर्ज करने की अनुशंसा की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा