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जियो फेसिंग व बायो-मेट्रिक हाजिरी से लिंक होगा डॉक्टरों का वेतन

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स्वास्थ्य मंत्री का जवाब : जियो फेंसिंग पर कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक

चंडीगढ़, 09 मार्च (हि.स.)। नायब सरकार प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों की सेलरी और हाजिरी जिया फेसिंग और बायो-मेट्रिक से जोड़ने की तैयारी में है। इस पर काम चल रहा है, जल्द ही डॉक्टरों को जियो फेंसिंग के आधार पर सेलरी दी जाएगी। यह जवाब स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने फिरोजपुर-झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान द्वारा डॉक्टरों की हाजिरी को लेकर उठाए गए मुद्दे पर दिया।

मामन खान ने साेमवार काे विधानसभा में यह सवाल उठाया कि नूंह जिलों में पोस्टिंग वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 25 हजार रुपये तथा मेडिकल ऑफिसर (एमओ) को 10 हजार रुपये मासिक अतिरिक्त भत्ता मिलता है। आरती राव ने बताया कि नूंह में कार्यरत विशेषज्ञ व मेडिकल ऑफिसर (एमओ) को रेवाड़ी, फरीदाबाद व गुरुग्राम में रहने की छूट दी गई है। यानी इन जगहों पर भी वे रहेंगे तो इसे स्टेशन मेनटेन माना जाएगा।

मामन खान ने दवाइयों की खरीद में धांधली के आरोप लगाते हुए कहा कि जिलों में स्थानीय स्तर पर फार्मेसी स्टोर से कोटेशन के आधार पर दवाइयां खरीदी जा रही हैं, जबकि इसके लिए टेंडर होने चाहिएं। आरती राव ने कहा कि दवाइयों की खरीद एचएमएससीएल द्वारा टेंडर के जरिये ही की जाती है। कई बार दवाइयों की कमी या बहुत जरूरी होने पर ही कोटेशन पर खरीदी जाती हैं। मामन खान ने कहा कि स्थानीय स्तर पर एक लाख से कम राशि की दवाइयों की कई बार खरीद की जाती है। इससे यह राशि लाखों पहुंच जाती है। इसमें धांधली होती है। मामन खान ने कहा कि नूंह जिलों में पोस्टिंग वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 25 हजार रुपये तथा मेडिकल ऑफिसर (एमओ) को 10 हजार रुपये मासिक अतिरिक्त भत्ता मिलता है। यह अतिरिक्त भत्ता डॉक्टरों को इसलिए दिया जाता है ताकि वे स्टेशन मेनटेन करें। इस पर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि नूंह जिलों में तैनात डॉक्टरों को गुरुग्राम, फरीदाबाद व रेवाड़ी में रहने की इजाजत सरकार ने दी हुई है।

फतेहाबाद में बढ़ रहे कैंसर के मामले, स्वास्थ्य मंत्री ने कैंसर अस्पताल की मांग ठुकराई

रतिया में कैंसर अस्पताल की मांग रतिया से कांग्रेस विधायक सरदार जरनैल सिंह ने फतेहाबाद जिले में कैंसर अस्पताल बनाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इसकी बड़ी वजह जहरीला पानी है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या जिले में कैंसर अस्पताल बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने स्पष्ट किया कि फिलहाल फतेहाबाद में कैंसर अस्पताल बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इस पर जरनैल सिंह ने कहा कि इलाके में पानी की गुणवत्ता बहुत खराब हो चुकी है और नहरों का पानी भी पीने योग्य नहीं रहा। जवाब में आरती राव ने कहा कि सरकार कैंसर से लड़ने के लिए कई कदम उठा रही है और हर जिले में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा