हिसार : पशु चिकित्सा शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में तीव्र गति से हो रही तकनीकी प्रगति : प्रो. विनाेद कुमार वर्मा
लुवास के सर्जरी विभाग में 21 दिवसीय विंटर स्कूल का शुभारंभ
हिसार, 21 जनवरी (हि.स.)। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय
के कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा ने कहा है कि वर्तमान समय में पशु चिकित्सा
शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में तीव्र गति से तकनीकी प्रगति हो रही है, जिसे अपनाना अत्यंत
आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षण, अनुसंधान एवं
व्यावहारिक कौशल के मध्य सेतु का कार्य करते हैं।
कुलपति प्रो. विनोद कुमार वर्मा बुधवार काे लुवास के पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय
के पशु शल्य चिकित्सा एवं रेडियोलॉजी विभाग की ओर से शुरू की गई 21 दिवसीय भारतीय कृषि
अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) प्रायोजित विंटर स्कूल के शुभारंभ अवसर पर बाेल रहे थे। यह विंटर स्कूल देशभर से चयनित 25 सहायक प्राध्यापकों एवं वैज्ञानिकों के लिए
‘फार्म एवं पालतू पशुओं की शल्य चिकित्सा में हालिया प्रगति’ विषय पर आयोजित किया
जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता
डॉ. मनोज कुमार रोज ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद,
नई दिल्ली की ओर से वित्त पोषित है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. आरएन चौधरी ने बताया कि
इस विंटर स्कूल में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ प्रतिभागियों की प्रायोगिक दक्षता
के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालक डॉ. दीपक तिवारी ने बताया कि इस विंटर स्कूल
में लुवास के विशेषज्ञों के साथ-साथ देशभर के ख्यातिप्राप्त प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक
प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन माध्यम से अपने अनुभव साझा करेंगे, जो अपने-अपने क्षेत्र में
विशिष्ट विशेषज्ञता रखते हैं।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र का मंच संचालन डॉ.
प्रियंका ने किया जबकि प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालक डॉ. दीपक तिवारी ने धन्यवाद किया।
उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एसएस ढाका, पशु चिकित्सा विज्ञान
महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनोज रोज, अनुसंधान निदेशक डॉ. नरेश जिंदल, एकीकृत पशु
चिकित्सा सेवाएं निदेशक डॉ. पवन, मानव संसाधन प्रबंधन निदेशिका डॉ. सोनिया सिंधु, विस्तार
शिक्षा निदेशक डॉ. गौतम व लेखा नियंत्रक विकास खर्ब सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष,
वैज्ञानिक, प्राध्यापक एवं छात्र उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

