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हरियाणा विधानसभा में भाषिणी व एआई की मदद से होंगे कार्य

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हरियाणा विधानसभा में भाषिणी व एआई की मदद से होंगे कार्य


विधान सभा में भाषिणी पर कार्यशाला आयोजित

चंडीगढ़, 27 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा विधान सभा सचिवालय में केंद्र सरकार की राष्ट्रीय भाषा प्रौद्योगिकी पहल 'भाषिणी’ के उपयोग एवं एआई आधारित इंटरप्रेटेशन, ट्रांसक्रिप्शन, अनुवाद तकनीकों को अपनाकर कार्य किया जाएगा।

सोमवार को इस संबंध में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रकाशन, अनुवाद तथा नेवा शाखा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भाषिणी प्लेटफॉर्म की विभिन्न सेवाओं तथा उनके व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ नाग और उनकी टीम ने विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि हरियाणा विधान सभा में क्षमता संवर्धन एक सतत प्रक्रिया है और यह कार्यशाला उसी निरंतर प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि भाषिणी के सहयोग से एआई आधारित अनुवाद एवं प्रकाशन की व्यवस्था विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इस प्रणाली का संसद में उपयोग पर भी प्रस्तुति दी। यह पहल कागज आधारित व्यवस्था से डिजिटल भविष्य की ओर बढ़ने तथा स्मार्ट विधान सभा के निर्माण की दिशा में एक और मजबूत कदम है। इससे कार्य की गति, सुविधा, खर्च में कमी और अभिलेखों के संरक्षण को नई शक्ति मिलेगी।

विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि इससे जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के साथ-साथ नागरिकों तथा शोधकर्ताओं को भी लाभ मिलेगा।

उन्होंने प्रकाशन, अनुवाद तथा नेवा शाखा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान का प्रभावी उपयोग अपने दैनिक कार्यों में करें, ताकि नई तकनीकों का अधिकतम लाभ विधान सभा की कार्यप्रणाली में प्राप्त हो सके। सभी कर्मचारियों में कार्यशाला को लेकर उत्साह दिखाई दिया।

कार्यशाला को विधान सभा अध्यक्ष के सलाहकार राम नारायण यादव, सचिव राजीव प्रसाद ने भी संबोधित किया। कार्यशाला के दौरान डिजीटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ नाग ने भाषिणी की अवधारणा, कार्यप्रणाली तथा एआई आधारित भाषा तकनीकों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस दौरान डिजीटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के अन्य अधिकारियों ने भी एआई के माध्यम से भाषिणी के द्वारा भारतीय भाषाओं के बीच संवाद को सरल, सहज एवं सुलभ बनाना तथा भाषा संबंधी बाधाओं को समाप्त करने की तरकीबें बताई। उन्होंने भाषिणी के माध्यम से अनुवाद, स्पीच से टेक्स्ट, टेक्स्ट से स्पीच सहित अनेक एआई आधारित भाषा सेवाओं की जानकारी दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा