सोनीपत में करोड़ों रुपये की फिरौती मांगने वाले पांच शार्प शूटर गिरफ्तार
सोनीपत, 28 मार्च (हि.स.)। हरियाणा के साेनीपत जिले के सोनीपत
एंटी गैंगस्टर यूनिट सेक्टर-7 की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेश में बैठे कुख्यात
गैंगस्टरों के इशारे पर हरियाणा और दिल्ली के व्यापारियों से करोड़ों रुपये की फिरौती
मांगने वाले पांच शार्प शूटर शनिवार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी किसी
बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे, लेकिन समय रहते गिरफ्तारी होने से संभावित
घटना टल गई। आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुए
हैं। पुलिस अब आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क की जांच
करेगी।
पुलिस
जांच में सामने आया कि यह गिरोह विदेश में बैठे गैंगस्टर रणदीप मलिक और दीपक बॉक्सर
के निर्देश पर सक्रिय था। गिरोह हरियाणा के सोनीपत, पानीपत, जींद तथा दिल्ली के नरेला
क्षेत्र में व्यापारियों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांग रहा था। एंटी
गैंगस्टर यूनिट को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी बड़ी फायरिंग की वारदात को अंजाम देने
की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को दबोच लिया।
तलाशी में एक अवैध पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस
के अनुसार, गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी रात के समय सो रहे लोगों के मोबाइल
फोन चोरी कर लेते थे। इसके बाद मोबाइल नंबर बंद होने से पहले ही उसी नंबर से गैंगस्टरों
के वॉट्सएप अकाउंट लॉगिन करवा देते थे। ओटीपी उसी मोबाइल पर आने के कारण गैंगस्टर आसानी
से वॉट्सएप का उपयोग करने लगते थे और व्यापारियों से संपर्क साधते थे। इस तरह तकनीकी
तरीके से धमकी देने का नेटवर्क चलाया जा रहा था। लॉगिन होने के बाद गैंगस्टर वॉट्सएप
कॉल के माध्यम से उद्योगपतियों और व्यापारियों को धमकाते थे। विदेश से कॉल कर पांच
करोड़ से लेकर पच्चीस करोड़ रुपये तक की रंगदारी मांगी जाती थी। पानीपत में चौबीस करोड़
रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में भी इन आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है।
एसीपी
अजीत सिंह ने पत्रकारों को बताया कि सोनीपत स्थित पहल न्यूट्रिशन से रणदीप मलिक गैंग
के नाम पर पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक आरोपी
मौके की रेकी कर रहा है और अन्य साथी भी वारदात में शामिल होने वाले हैं। बड़े स्तर
पर हथियार मंगवाने की तैयारी भी चल रही थी, जिससे गंभीर घटना की आशंका थी।
पुलिस
की सतर्कता के चलते आरोपियों को पहले ही चरण में गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे बड़ी
वारदात टल गई। पांच आरोपियों में से एक की पहचान आकाश के रूप में हुई है, जिस पर पहले
से दो मुकदमे दर्ज हैं। अन्य आरोपी दिल्ली के नरेला क्षेत्र के मामूरपुर के रहने वाले
बताए गए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय
गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

