सोनीपत एनसीआर से दिल्ली में पुराने वाहनों की एंट्री पर रोक
सोनीपत, 02 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली में एक नवंबर से बीएस-6 मानक से नीचे के कुछ वाहनों
के प्रवेश पर लगाई गई रोक का असर सोनीपत के वाहन चालकों पर भी पड़ रहा है। रोजाना दिल्ली
आने-जाने वाले लोगों को अब अपनी गाड़ी के इंजन मानक और प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच
करके ही निकलना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपये तक का चालान कट सकता
है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हरियाणा में पंजीकृत बीएस-3 पेट्रोल
कारों, बीएस-4 डीजल कारों और बीएस-6 से नीचे के व्यावसायिक वाहनों पर प्रतिबंध लागू
है। हालांकि, दोपहिया वाहनों को इस पाबंदी से बाहर बताया गया है। इलेक्ट्रिक और मान्यता
प्राप्त हाइब्रिड वाहनों को भी छूट दी गई है। सीएनजी में परिवर्तित वाहन के पंजीकरण
प्रमाणपत्र में सीएनजी दर्ज होने के साथ वैध प्रदूषण और फिटनेस प्रमाणपत्र होना जरूरी
है।
वाहन चालक अपने पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) में इंजन का बीएस
मानक देख सकते हैं। दिल्ली की सीमा पर लगे स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरों
से वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन कर डेटाबेस के जरिए उनकी पहचान की जा सकती है। नियमों
का उल्लंघन मिलने पर ई-चालान जारी हो सकता है। पुराने, उपयोग की अवधि पूरी कर चुके
वाहनों या बार-बार नियम तोड़ने के मामलों में वाहन जब्त किए जाने की भी संभावना बताई
गई है।
दिल्ली में प्रवेश करने वाली बसों और टैक्सियों के लिए भी
निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है। जानकारी के अनुसार, बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक
बसों तथा टैक्सियों को प्रवेश की अनुमति है, जबकि बीएस-6 से नीचे के डीजल व्यावसायिक
वाहनों पर रोक है। गंभीर चिकित्सा आपात स्थिति में मरीज के वैध दस्तावेज दिखाने पर
संबंधित अधिकारी मानवीय आधार पर अनुमति देने पर विचार कर सकते हैं।
दिल्ली में प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं तो ईंधन नहीं व्यवस्था
के तहत वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र की ऑनलाइन स्थिति की जांच की जा रही है। प्रमाणपत्र
वैध नहीं मिलने पर पेट्रोल पंप से पेट्रोल, डीजल या सीएनजी मिलने में परेशानी हो सकती
है। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का भी प्रावधान बताया गया है। इसलिए वाहन चालकों
को दिल्ली जाने से पहले अपने प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता जांच लेनी चाहिए। प्रतिबंध की अवधि और नियमों की स्थिति की पुष्टि संबंधित सरकारी
आदेशों से करना जरूरी है। वाहन चालक दिल्ली में प्रवेश करने से पहले लागू नियमों की
आधिकारिक जानकारी लेकर ही यात्रा करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

