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गुरुग्राम में भारी बारिश में निगम कर्मियों ने फूंका सरकार व ठेकेदारी प्रथा पुतला

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गुरुग्राम में भारी बारिश में निगम कर्मियों ने फूंका सरकार व ठेकेदारी प्रथा पुतला


19वें दिन पुराने निगम कार्यालय से सेशन हाउस चौक तक प्रदर्शन

हड़ताल 26 अगस्त तक बढ़ी, मंगलवार को मंत्री राव नरबीर को देंगे ज्ञापन

गुरुग्राम, 24 अगस्त (हि.स.)। नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल भारी बरसात के बीच भी सोमवार को 19वें दिन जारी रही। कर्मचारियों ने पुराने नगर निगम कार्यालय से अग्रसेन चौक, शमा रेस्टोरेंट होते हुए सेशन हाउस चौक तक प्रदर्शन किया। वहां हरियाणा सरकार व ठेकेदारी प्रथा का पुतला दहन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी मोर चौक, अग्रवाल धर्मशाला चौक होते हुए वापस पुराने निगम कार्यालय पहुंचे।

हड़ताल की अध्यक्षता वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत और फायर के जिला प्रधान साहुन खान ने की, जबकि संचालन सचिव धर्मेंद्र जिंगाला ने किया। कर्मचारी नेताओं ने ऐलान किया कि हरियाणा सरकार के तानाशाही रवैये, पुलिस दमन और सफाई कर्मचारियों की गिरफ्तारी के विरोध में हड़ताल को 25 और 26 अगस्त तक दो दिन और बढ़ा दिया गया है।

मंगलवार को हड़ताली कर्मचारी आम जनता के बीच जाकर 19 दिनों से चल रही हड़ताल के समर्थन की अपील करेंगे। कैबिनेट मंत्री एवं बादशाहपुर विधायक राव नरबीर सिंह को सिविल लाइन स्थित आवास पर जाकर ज्ञापन देंगे।

13 मई के समझौते को लागू न करने का आरोप

राज्य उप प्रधान बसंत कुमार, फायर के जिला उप प्रधान

जोगिंदर और पूर्व जिला प्रधान राजेश कुमार ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक 13 मई के फैसले के अनुसार पे-रोल के 1175 फायरमैन और पालिका, परिषद, निगमों के 13,000 कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने और अन्य मांगों के पत्र जारी नहीं होते, तब तक हड़ताल पूरे प्रदेश में जारी रहेगी।

वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत, कोषाध्यक्ष भारत कांगड़ा और जिला सचिव सुनील कुमार ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भाजपा सरकार ने एक भी सीवर व सफाई कर्मचारी की पक्की भर्ती नहीं की। सफाई कार्य को ठेके पर देकर वाल्मीकि समाज के गरीब कर्मचारियों को ठेकेदारों का गुलाम बनाया जा रहा है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब 30 जून 2022 के पत्र के अनुसार हरियाणा के सभी सरकारी विभागों में ठेकेदारी प्रथा खत्म कर कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम में समायोजित किया जा चुका है, तो पालिका-निगमों के सफाई और सीवर कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है।

शहर में गंदगी के ढेर, बीमारी का खतरा

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। बरसात और गर्मी के मौसम में बीमारी फैलने का खतरा है, लेकिन सरकार आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही है। मांगें लागू करने की बजाय पुलिस दमन और गिरफ्तारियों से हड़ताल को कुचलना लोकतंत्र की हत्या है।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर