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गुरुग्राम: तीन आर व चार कूड़ेदान उपयोग के प्रति किया जागरुक

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गुरुग्राम: तीन आर व चार कूड़ेदान उपयोग के प्रति किया जागरुक


गुरुग्राम, 09 सितंबर (हि.स.)। नगर निगम गुरुग्राम एवं डीपीजी डिग्री कॉलेज गुरुग्राम के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को कालेज में कचरा, पॉलिथीन, प्रदूषण मुक्त गुरुग्राम अभियान के तहत व्यापक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उद्देश्य युवाओं को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ गुरुग्राम के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना कार्यक्रम का उद्देश्य रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. प्रिया, कुलपति डॉ. अशोक गोगिया, डॉ. एस.एस. बोकन एवं डॉ. प्रहलाद द्वारा मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का पौधे भेंट कर स्वागत करने के साथ हुआ।

इस दौरान पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया तथा विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। संयुक्त आयुक्त सपना यादव ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के लिए कचरे का उचित अलगाव बेहद आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें तथा इस अच्छी आदत को अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

पार्षद विक्रम जीत सिंह ने पॉलिथीन के उपयोग से पर्यावरण पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से पॉलिथीन के इस्तेमाल से बचने तथा इसके स्थान पर कपड़े और जूट के थैलों को अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में किए गए छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयास मिलकर बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं। प्रत्येक नागरिक यदि अपनी जिम्मेदारी समझे तो शहर को पॉलिथीन एवं प्रदूषण से मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान डॉ. महेश कौशिक ने विद्यार्थियों को डेंगू एवं मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक करते हुए विद्यार्थियों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। आईईसी विशेषज्ञ प्रिंका यादव ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए 3आर-रिड्यूज, रीयूज और रिसाइकिल के सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अनावश्यक वस्तुओं की खपत कम करना, उपयोगी वस्तुओं का दोबारा इस्तेमाल करना और कचरे को रिसाइकिल करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में 3आर के सिद्धांतों को अपनाए तो कचरे की मात्रा को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर